Aug 10 2022 / 2:35 AM

अयोध्या में भव्य तरीके से मनाया गया दीपोत्सव, 5.51 लाख दीप जलाने का बना वर्ल्ड रेकॉर्ड

अयोध्या। राम की नगरी अयोध्या में दिवाली को इस साल भी भव्य तरीके से मनाया गया। अयोध्या में दीपोत्सव के तहत आज एक नया वर्ल्ड रेकॉर्ड बन गया है। अयोध्या में 5 लाख 51 हजार दीप जलाए गए, जिनमें से राम की पैड़ी पर ही अकेले 4 लाख 10 हजार दीये जलाए गए। पिछली बार 3 लाख 21 हजार दिये जलाए गए थे। गिनेस बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड्स की टीम ने अयोध्या पर रेकॉर्ड दियों के जलाए जाने घोषणा की।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस वर्ल्ड रेकॉर्ड के लिए अयोध्या के सभी लोगों और संत समाज को बधाई दी। इससे पहले सरयू घाट पर आरती में सीएम योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। उन्होंने नया घाट पर आरती भी की। इसके बाद सरयू घाट पर लेजर शो के जरिए राम के जीवन को दर्शाया गया। राम की पैड़ी पर लेजर शो का आयोजन किया गया।

राम की पैड़ी के अलावा 1 लाख 51 हजार दीप रामनगरी के 11 अन्य चुनिंदा स्थलों पर प्रज्जवलित किए गए। दीपोत्सव कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे सीएम योगी ने सबसे पहले राम, सीता और लक्ष्मण के हेलिकॉप्टर से अयोध्या आगमन पर तिलक लगाकर उनका स्वागत किया। सीएम योगी खुद आरती के साथ सीता-राम की अगवानी की। इसके बाद उन्होंने अपने संबोधन में प्रदेश और केंद्र की मोदी सरकार की तारीफ की।

राम की परंपरा पर हमें गौरव की अनुभूति होती है
योगी ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी ने देश की संस्कृति को पूरी दुनिया में फैलाने का काम किया है। सभी को दीपावली की शुभकामनाएं देता हूं। राम की परंपरा पर हमें गौरव की अनुभूति होती है। अयोध्या की जब भी बात होती है, तो रामराज्य पहले हमारे दिमाग में आता है। जहां दुख के लिए कोई जगह न हो। ऐसा राज्य ही रामराज्य कहलाता है। मोदीजी ने ऐसा ही रामराज्य स्थापित किया है। यह आधुनिक रामराज्य का उदाहरण है कि जाति और धर्म न देखकर सभी को बराबर हक दिया जा रहा है। किसी भेदभाव के बगैर कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं।

अयोध्या को उसकी पहचान दिलानी है
योगी ने कहा, पहले की सरकारें अयोध्या नाम से डरती थीं, आना भी नहीं चाहती थीं, लेकिन मैं अब तक डेढ़ दर्जन बार अयोध्या आ चुका हूं। मैं हर बार अयोध्या के लिए सैकड़ों करोड़ की योजनाएं लेकर आता हूं। आज भी हम 226 करोड़ की योजनाएं अयोध्या के लिए लाए हैं। अयोध्या को उसकी पहचान दिलानी है। दुनिया के हर सनातन धर्म मानने वाले के लिए अयोध्या की पहचान वैसे ही जैसे दूसरे धर्मों के लोगों के लिए उनके पवित्र स्थान की है।

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