Aug 15 2022 / 5:38 PM

सीएए को लेकर अमित शाह ने विपक्ष पर बोला हमला- जितना भी भ्रम फैलाना है, फैला लो, हम पीछे नहीं हटेंगे

जोधपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को एक बार फिर से कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं पर सीएए को लेकर जमकर हमला बोला। राजस्थान के जोधपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा, जितना भी भ्रम फैलाना है, फैला लें लेकिन भाजपा इस कानून पर एक इंच भी पीछे नहीं हटेगी।

उन्होंने कहा राहुल बाबा, अगर कानून पढ़ा है तो इसपर चर्चा करने के लिए आ जाइए। अगर नहीं पढ़ा है तो मैं आपको इटली भाषा में इसका ट्रांसलेशन भेजने के लिए तैयार हूं। वहीं उन्होंने कहा, कांग्रेस, ममता दीदी, एसपी, बीएसपी, केजरीवाल एंड कंपनी सभी इस कानून का विरोध कर रहे हैं, इन सभी को मैं चुनौती देता हूं कि वो साबित करें इससे किसी अल्पसंख्यक को नुकसान होगा।

जमसभा में अमित शाह ने कहा, भाजपा ने देश के अंदर नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में जनजागरण अभियान का आयोजन किया है। वहीं जो राजनीतिक दल वोट बैंक की राजनीति करने के आदि हैं वे इसका विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने सीएए के खिलाफ दुष्प्रचार किया है, जिसकी वजह से देश के हजारों युवा गुमराह हुए। इसी वजह से हम सीएए को लेकर जनजागरण कर रहे हैं।

इस दौरान अमित शाह बोले, भले ही सभी विपक्षी दल एक हो जाएं हम इस कानून को लेकर एक इंच भी पीछे हटने को राजी नहीं हैं। विपक्षी दलों को जितना भी भ्रम फैलाना है, फैला लो। शाह ने लोगों को एक नंबर ( 8866288662) दिया और कहा कि इस पर मिसकॉल देकर सीएए के लिए अपना समर्थन दर्ज कराएं।

उन्होंने कहा, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता दीदी कह रही हैं कि आपकी लाइने लग जाएंगी, आपसे प्रूफ मांगे जाएंगे। मैं बंगाल में बसे हुए सारे शरणार्थी भाइयों को कहना चाहता हूं कि आपको कोई प्रताड़ना नहीं झेलनी पड़ेगी, आपको सम्मान के साथ नागरिकता दी जाएगी। दीदी से डरने की जरूरत नहीं है। वहीं उन्होंने ममता बनर्जी से सवाल पूछा कि आखिर दीदी बताएं बंगाली हिंदुओं ने आपका क्या बिगाड़ा है।

वहीं बसपा प्रमुख मायावती और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए वह बोले, जो शरणार्थी पड़ोसी मुल्क से यहां आए हैं, उनमें अधिकतर दलित हैं। आप याद रखना कि इसका विरोध करना दलितों का विरोध करना होगा, जिसे देश याद रखेगा।

गृह मंत्री बोले कि पाकिस्तान-बांग्लादेश-अफगानिस्तान से जो हिंदू, जैन, बौद्ध, सिख, ईसाई और पारसी अल्पसंख्यक आए, उनकी किसी ने चिंता नहीं की। लेकिन मोदी सरकार ने इस वादे को निभाया। अमित शाह बोले कि उनको भारत में नागरिकता देने का महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, राजेंद्र प्रसाद, सरदार पटेल समेत सभी नेताओं ने इसका वादा किया था, क्या ये भी सांप्रदायिक थे। कांग्रेस ने वोटबैंक की वजह से कुछ नहीं किया, लेकिन नरेंद्र मोदी 56 इंच की छाती वाले हैं वह किसी से नहीं घबराते हैं।

गृहमंत्री ने कहा, आपके (शरणार्थियों) के अच्छे दिन आ गए हैं, क्योंकि अब आप भारत के नागरिक बन गए हैं। विपक्ष कुछ भी कहे लेकिन मैं डंके की चोट पर कहता हूं कि जो आए हैं ये देश उनका भी उतना है, जितना मेरा है। ये नरेंद्र मोदी का शासन है, यहां किसी को डरने की जरूरत नहीं है। नागरिकता देकर हम शरणार्थियों को उनके अधिकार दे रहे हैं। नेहरु-लियाकत समझौता का सिर्फ हिंदुस्तान ने पालन किया, पाकिस्तान ने उसका पालन नहीं किया।

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