इंदौर में देह व्यापार के लिए बांग्लादेश से लाई गई 13 युवतियों को कराया मुक्त, कुछ नाबालिग भी, तीन महिला आरोपियों सहित दस सदस्यीय गैंग गिरफ्तार


इंदौर। इंदौर पुलिस के हाथ बड़ी सफलता लगी है। देह व्यापार के लिए बांग्लादेश से इंदौर लाई गई 13 युवतियों को उसने मुक्त कराया है। इनमे कुछ नाबालिग युवतियां भी है। अवैध रूप से सीमा पार कराकर इन युवतियों से अनैतिक कार्य कराया जा रहा था। इस मामले में तीन महिला आरोपियों सहित दस सदस्यीय गैंग को गिरफ्तार किया गया है।

गत दिनों मुंबई की दो युवतियों द्वारा इंदौर के विजय नगर थाने पर आकर रिपोर्ट की थी कि उन्हें 16 सितंबर से थाना बाणगंगा क्षेत्र में स्थित एक फ्लेट में बंधक बनाकर रखा गया और हाथ पैर बांधकर कपड़े फाड़ कर मारपीट की गई सिगरेट लगाई गई तथा शारीरिक शोषण किया गया और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल कर डेढ़ लाख रुपये खाते में डलवा लिए।

प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए आईजी योगेश देशमुख, डीआईजी हरिनारायण चारी मिश्र द्वारा प्रकरण में प्रभावी कार्यवाही करने के लिए पुलिस अधीक्षक विजय खत्री को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। जिसके पालन में उनके द्वारा अति.पुलिस अधीक्षक इंदौर राजेश रघुवंशी तथा सीएसपी विजय नगर राकेश गुप्ता के मार्गदर्शन में पुलिस टीम गठित की गई। इसके द्वारा आरोपी नवीन उर्फ सुरेश सिसोदिया उम्र 24 साल नि म.न. 33 सूर्यदेव नगर थाना द्वारिकापुरी इंदौर हाल 408 श्रीराम इन्क्लूड थाना बाणगंगा इंदौर, कुलदीप पिता ओकार चंद्रवंशी उम्र 23 साल नि शिव मंदिर के पास दिलावड रोड धार हाल फ्लैट 408 श्रीराम इन्क्लूड थाना बाणगगा इदौर, राजेन्द्र उर्फ राजा पिता बाबूलाल डाबर उम्र 25 साल नि राजपुरा कुटी तह महू जिला इंदौर हाल 408 श्रीराम इन्क्लूड थाना बाणगंगा इदौर तथा एक महिला आरोपिया को गिरफ्तार किया गया।
महिला आरोपिया ने पुलिस रिमांड में पूछताछ के दौरान बताया कि वह एक संगठित गैंग के माध्यम से जिसमें कई एजेंट जुड़े हैं बाहर से लड़कियां बुलाकर तथा यहां से लड़कियां भेज कर उनसे अनैतिक कार्य करवाती है।

उक्त जानकारी के आधार पर महिला आरोपिया की गैंग के अन्य साथियों रोहन, नीरज की तलाश की गई। इस आधार पर जानकारी मिली कि अन्य महिला साथियों द्वारा अपने एजेंटों की सहायता से सुनियोजित तरीके से षडयंत्र पूर्वक बांग्लादेश से कटीली सीमाएं अवैध रूप से पार करवा कर गरीब युवतियों को काम दिलाने का झांसा देकर भारत में लाया जाता है और फिर उन्हें देह व्यापार में धकेल दिया जाता है। वीजा पासपोर्ट ना होने की वजह से वह डर के कारण बाहर भी नहीं जा पाती हैं। इसी प्रकार अन्य गरीब युवतियों को पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, बिहार से भी लाया जाता है।


होटल में ताले में बन्द कर रखा था, मुक्त कराया


उक्त सूचना के बाद विजयनगर पुलिस टीम द्वारा थाना लसूडिया महालक्ष्मी नगर स्थित एक होटल पर दबिश देकर चार युवतियों को एक कमरे से बरामद किया गया जिन्हे ताले में बंद कर रखा गया था। पूछताछ में बरामद युवतियों द्वारा बताया गया कि उन्हें भारत व बांग्लादेश की सीमा अवैध रूप से पार करवा कर काम के बहाने लाया गया है और शारीरिक शोषण करवाया जा रहा है । होटल से चार युवतियां तथा अन्य स्थानो पर पुलिस टीम द्वारा 09 अन्य बांग्ला युवतियों को बरामद कर इस प्रकार कुल 13 युवतियों को बरामद किया गया।

मामले में अब्बी तक पुलिस द्वारा पूछताछ एवं जानकारी के आधार पर 07 पुरुष आरोपी एवं 03 महिला आरोपियों सहित कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है तथा उनसे 25 मोबाइल एवं 1 लेपटॉप तथा एक लाख रुपये जप्त किये गये है।
पुलिस द्वारा गिरफ्तारशुदा आरोपियों से गैग के अन्य साथी आरोपियों एवं अपह्रत की गई अन्य युवतियों के संबंध में पूछताछ की जा रही है ।

उक्त कार्य करने वाली पूरी टीम को पुलिस उप महानिरीक्षक द्वारा 20,000 के नगद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है।

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