इंदौर में महज 2 वर्ष की अबोध बालिका के साथ दुष्‍कृत्‍य करने वाले मामा को 20 वर्ष का सश्रम कारावास, 8 वर्ष की बालिका से दुष्कृत्य के आरोपी को 14 वर्ष की कठोर कैद

इंदौर। दो अबोध बालिकाओं के साथ दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने सजा सुनाई है। एक केस में महज 2 वर्ष की अबोध बालिका के साथ दुष्‍कृत्‍य करने वाले मामा को 20 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया गया है वही एक अन्य केस में 8 वर्ष की बालिका से दुष्कृत्य के आरोपी को 14 वर्ष की कठोर कैद की सजा सुनाई गई है।

पहले मामले में विशेष न्‍यायाधीश (पॉक्‍सो अधिनियम) सविता सिंह, इंदौर द्वारा थाना छत्रीपुरा के अपराध क्रमांक 360/2018 में निर्णय पारित करते हुये आरोपी मामा को थाना छत्रीपुरा को धारा 376(ए)(बी) भादवि में 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10,000/- रूपये के अर्थदंड एवं धारा 376(2)(एफ) भादवि में 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000/- रूपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। उप संचालक अभियोजन इंदौर बी. जी. शर्मा द्वारा बताया गया कि अर्थदंड की अदायगी न किये जाने पर 10 माह का सश्रम कारावास भी पृथक से भुगताये जाने का आदेश दिया गया। उक्‍त प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक संजय मीणा द्वारा की गई।

अभियोजन की कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि दिनांक 25.10.2018 को पीडिता की मॉं फरियादी घटना के दिन दोपहर अपने घर पर थी। उसकी पुत्री जिसकी उम्र मात्र 02 वर्ष थी, सोकर उठने पर रोने लगी। तभी पीडित पुत्री को छोड कर फरियादिया उसके लिए चिप्‍स का पैकेट लेने किराने की दुकान पर गई । तभी पीछे से पीडिता की जोर जोर से रोने की आवाज आने पर जब फरियादिया दौडकर आई तो देखा कि पीडिता का सगा मामा पीडिता को जोर से दबाये हुये पलंग पर बैठा था जिस पर फरियादी मां द्वारा पीडिता पुत्री को छुडाने लगी तो अभियुक्‍त ने नहीं छोडा। चिल्‍लाकर आसपास वालों को बुलाया तो पडोसी ने आकर आरोपी से पीडिता को छुडाया और उसकी मां को दिया । फरियादिया ने देखा कि पीडिता पुत्री के गुप्‍तांग से खून निकल रहा है। उसके बाद फरियादिया अपनी पुत्री को लेकर अस्‍पताल गई। उसके बाद थाने जाकर आरोपी के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई।

दूसरे केस में विशेष न्‍यायधीश (पॉक्‍सो) जिला इंदौर मुकेश नाथ ने थाना परदेशीपुरा के अप.क्र. 375/2017 मे निर्णय पारित करते हुये अभियुक्‍त बाबू उर्फ बालाराम पिता नाथूसिंह आयु 48 वर्ष ग्राम कांथडी तहसील तराना जिला उज्‍जैन को धारा 376(2) भादवि में 14 वर्ष का कठोर कारावास एवं धारा 366 भादवि में 7 वर्ष का कठोर कारावास तथा धारा 342, 506 और 323 भादवि में एक-एक वर्ष का कठोर कारावास एवं प्रत्‍येक धारा के लिये 1,000-1,000/- के जुर्माने से भी दण्‍डित किया गया है। जुर्माना अदा ना किये जाने पर तीन-तीन माह का कठोर कारावास पृथक से भुगताये जाने का भी आदेश दिया गया। अभियोजन की ओर पैरवी विशेष लोक अभियोजक सुशीला राठौर द्वारा की गई।

अभियोजन कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि घटना दिनांक 05.08.2017 को अभियोक्‍त्री आयु 8 वर्ष अपने भाई के साथ पार्क में खेलने गई थी। अभियोक्‍त्री का भाई उसे खेलते हुये पार्क में छोड्कर घर आ गया था जब उसका पिता (फरियादी/सूचनाकर्ता) अपनी ड्यूटी से शाम को 04:00 बजे अपने घर आया तो उसने अपने लडके से पुछा कि तेरी छोटी बहन कहा है तो लडके ने बताया कि उसे पार्क में खेलने के लिये छोडकर आ गया था उसके बाद पता नहीं। फिर उसके पिता ने अभियोक्‍त्री को आस-पास एवं रिश्‍तोदारों में सब जगह तलाश किया पर पता नहीं चला जिसे कोई अज्ञात व्‍यक्ति बहला-फुसलाकर व्‍यपहरण करके ले गया। उसके बाद अभियोक्‍त्री के पिता ने दिनांक 06/08/2017 को थाना परदेशीपुरा में गुमशुदी की रिपोर्ट दर्ज कराई अनुसंधान के दौरान दिनांक 09/08/2017 को अभियोक्‍त्री आरोपी बाबू उर्फ बालाराम के पास से मिली। उसके द्वारा बताया गया कि उक्‍त आरोपी के द्वारा उसके साथ गलत काम किया गया, जिस पर से आरोपी के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर सम्‍पर्ण अनुसंधान पश्‍चात अभियुक्‍त के विरूद्ध अभियोग पत्र न्‍यायालय में पेश किया गया। जिस पर से न्‍यायालय द्वारा आरोपी को उक्‍त दण्‍ड से दण्डित किया गया।

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