Dec 08 2022 / 1:42 AM

अरुणाचल हिमस्खलन की चपेट में आए सेना के 7 जवान शहीद

नई दिल्ली। अरुणाचल प्रदेश के पश्चिमी कामेंग जिले में भारत-चीन सीमा पर एक हिमस्खलन की चपेट में आने के बाद लापता हुए सात सैनिकों के शव मिल गए हैं। भारतीय सेना ने मंगलवार को यह जानकारी दी। बयान में कहा गया, सभी सात लोगों के शव हिमस्खलन स्थल से बरामद कर लिए गए हैं। दुर्भाग्य से, इसमें शामिल सभी लोगों के सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद, सभी सातों की मौत की पुष्टि हुई है।

6 फरवरी को अरुणाचल प्रदेश के कामेंग सेक्टर के ऊंचाई वाले इलाके में एक गश्ती दल के सात सैन्यकर्मी हिमस्खलन की चपेट में आ गए थे। 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस इलाके में पिछले कुछ दिनों से खराब मौसम के साथ भारी बर्फबारी हो रही थी।

सेना ने कहा, सैनिकों के शवों को आगे की औपचारिकताओं के लिए हिमस्खलन स्थल से निकटतम सैन्य चिकित्सा सुविधा में स्थानांतरित किया जा रहा है। सुरक्षा बल ने कहा कि क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से भारी बर्फबारी के साथ खराब मौसम बना हुआ है।

अरुणाचल प्रदेश आम तौर पर पश्चिम में कामेंग क्षेत्र और शेष अरुणाचल प्रदेश में विभाजित है। सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश सहित 1,346 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सेना की पूर्वी कमान निगरानी करती है। एलएसी को संभालने के लिए इस कमांड में तीन कोर हैं – 33 कोर (सिक्किम), 4 कोर (कामेंग सेक्टर) और 3 कोर (शेष अरुणाचल प्रदेश)।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने अरुणाचल प्रदेश के कामेंग सेक्टर के ऊंचाई वाले हिस्से में हिमस्खलन में दबने से भारतीय सेना के 7 जवानों के शहीद होने पर दुख जताया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा, अरुणाचल प्रदेश में हिमस्खलन त्रासदी में सेना के जवानों की मौत के बारे में जानकर दुख हुआ। उनके परिवार और दोस्तों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। हम शहीदों को सलाम करते हैं।

वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने दुख जताते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश में आए बर्फीले तूफान में ड्यूटी के दौरान हमारे 7 बहादुर जवान शहीद हो गए। यह जानकर गहरा दुख हुआ। हमारे जवान हमारी सुरक्षा के लिए निस्वार्थ भाव से प्रयास कर रहे हैं। जवानों को मेरा सलाम। उनके परिवार के प्रति भी मेरी गहरी संवेदना है।

Share with

INDORE