एडीजी की कथित बहन फिर नही जाएगी जेल जमानत निरस्ती से कोर्ट का इंकार पुलिस का आवेदन निरस्त किया

इंदौर। एडीजी र्की बहन बनकर पुलिस विभाग के मेस में रुकने से लेकर अन्य फर्जीवाड़े करने के आरोप में पकड़ी गई युवती को फिर से जेल भिजवाने की पुलिस की इच्छा पूरी नही हो पाएगी। उसकी जमानत निरस्त करने से सोमवार को कोर्ट ने इंकार कर दिया। इस संबंध में पुलिस विभाग की ओर से दायर धारा 439-2 का आवेदन कोर्ट ने खारिज कर दिया।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एके वर्मा की कोर्ट में पुलिस विभाग की ओर से यह आवेदन लगाया गया था। इसमें कहा गया था कि इस कोर्ट द्वारा आरोपी सोनिया शर्मा उर्फ दीदी को जमानत दे दी गई है, इसके कारण जेल से बाहर आकर वह गवाहों को प्रभावित कर सकती है। सोनिया की ओर से अधिवक्ता धर्मेन्द्र गुर्जर व राम बजाड़ ने तर्क में कहा कि पुलिस ने उनकी पक्षकार के विरुद्ध दो झूठे मामले दर्ज कर गिरफ्त किया जिसमें कोर्ट द्वारा पूर्व में सभी पक्षों के तर्क सुनने के पश्चात जमानत दी गई है।

इसमें गवाह पुलिस से संबंधित है इसलिए इनके प्रभावित होने का सवाल ही नहीं उठता, अत: शासन का यह आवेदन खारिज किया जाए। अधिवक्ता गुर्जर ने बताया कि दोनों के तर्क सुन कोर्ट ने शासन (पुलिस) का उक्त आवेदन खारिज कर दिया।

उल्लेखनीय है कि गत 14 जून को इसी कोर्ट से सोनिया को उसके विरुद्ध सदर बाजार व तेजाजी नगर थाने पर दर्ज दोनों मामलों में जमानत मिल गई थी। इसे निरस्त कराने हेतु यह आवेदन लगाया गया था।

उल्लेखनीय है कि सोनिया पर आरोप है कि वह खुद को इंदोर में ही पदस्थ एक एडीजी की बहन बताकर न केवल कई सालों से पुलिस मेस में रुक रही थी बल्कि कई टीआई, सीएसपी आदि को चमकाकर उनसे वसूली के अलावा कई रसूखदार, बिल्डर्स के विवादित काम निपटवाती थी।

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