विधायक पटेल के बाद विजयवर्गीय का विरोध खतरे की घंंटी

 इंदौर। प्रदेश में वि.स. चुनाव में कुछ ही माह शेष बचे है लेकिन इसके पहले ही भाजपा के गढ़ माने वाले  इंदौर में जिस तरह से भाजपा के मौजूदा विधायकों का विरोध बढ़ रहा है वह उसके लिए खतरे की घंटी कही जा सकती है।
हाल ही में जिले के दो विधायकों को अपने अपने क्षेत्र में विरोध का सामना करना पड़ा। सबसे चिंता की बात भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय जैसे कद्दावर नेता का उनके इलाके में विरोध होना है।

पहला विरोध गत दिनों जिले के देपालपुर वि.स. क्षेत्र में विधायक मनोज पटेल का हुआ था। इसमें विरोध काफी तीखे स्तर पर होने की तैयारी थी, लेकिन पूर्व सूचना मिल जाने पर इसे संहाल लिया गया लेकिन पटेल को विरोध का सामना तो करना पड़ा। ऐसे ही महू से विधायक बने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय जब अपने क्षेत्र में दौरा कर रहे थे तो पांच साल पहले तालाब बनाने का वायदा पूरा न करने पर उनके मतदाताओं ने विरोध किया। स्थिति नोंकझोंक तक आ गई थी और आखिरकार विजयवर्गीय को वहां से लौटना पड़ा।

 

अब एक पार्षद का ऑडियो हुआ वायरल

एक और नया ताजा मामला एक भाजपा पार्षद चंदू शिंदे का कथित ऑडियो वायरल का सामने आया है जिसमें उनके द्वारा अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने की बात सामने आई है। इधर क्षेत्र क्रमांक तीन में भी विधायक उषा ठाकुर को लेकर भी असंतोष के स्वर सुनाई पडऩे लग गए है। उनके कई पार्टी नेता ही उनके विरुद्ध बोलने लगे है। गत चुनाव में जिले की 9 में से आठ सीटें भाजपा ने जीती थी, कांग्रेस को मात्र एक सीट से संतोष करना पड़ा था। लेकिन इस बार चुनाव के पूर्व उसके विधायकों के खिलाफ उठ रहे विरोध के स्वर उसके लिए खतरे की घंटी बन सकते है। समय रहते पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो इसका नुकसान उसे उठाना पड़ सकता है।

 

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