सोशल मीडिया पर महिलाओं से दोस्ती कर उन्हें महंगे विदेशी उपहार का झॉसा देकर लाखों की धोखाधडी के आरोप में नाइजीरियन राज्य सायबर सेल इन्दौर की गिरफ्त में

इंदौर। सोशल मीडिया पर महिलाओं से दोस्ती कर उन्हें महंगे विदेशी उपहार का झॉसा देकर लाखों की धोखाधडी के आरोप में नाइजीरियन राज्य सायबर सेल इन्दौर की गिरफ्त में आया है।

पुलिस अधीक्षक राज्य सायबर सेल इंदौर जितेन्द्र सिंह ने बताया कि मालवा मिल इन्दौर निवासी महिला द्वारा लिखित आवेदन प्रस्तुत किया जिसमे बताया कि आवेदिका द्वारा एक विदेशी युवक जिसने अपना नाम डेविस लारेन्स बताया था, फेसबुक मैसेंजर के माध्यम से दोस्ती कर चैटिंग शुरू की।

बाद में आवेदिका का मोबाईल नंबर प्राप्त कर उस पर विभिन्न विदेशी नंबरों से व्हाटसएप चैटिंग के माध्यम से विदेश से उपहार भेजने के नाम पर जिसमे इलैक्टानिक डिवाइस एवं विदेशी मुद्रा पांउड जिसके पार्सल की कीमत 1 करोड 95 लाख से अधिक रूपयों का बताकर मैसेज व व्हाटसएप कॉल किए गए । इसके बाद उन उपहारों का पार्सल छुडाने के एवज में कस्टम अधिकारी बनकर फरियादिया से अलग-अलग बैंको के चार बैंक खातों में कुल 31 लाख 64 हजार रूपये जमा करा लिये गए एवं और अधिक रूपयों की डिमांड करते हुए अन्य तीन बैंक खातें दिए गए ।

बैंक खातों व मोबाईल नंबरो का तकनीकी विश्लेष्‍ण में दिल्ली में रहने वाला नाइजीरियन विदेशी युवक जिसका नाम Wisdom S/O Chimezie Obinna R/O City- Qwerri State- IMO Country- Nigeria At present Address- B-73 Ekta Enclave Burari Delhi की उक्त अपराध मे संलिप्ता पाई गई। उसे पकडने के लिए एक टीम को नई दिल्ली रवाना किया गया । टीम द्वारा प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर विदेशी नाइजीरियन युवक को धरदबोचा जिससे पूछताछ पर करने पर आपराध में संलिप्त होना स्वीकार करने पर गिरफतार किया गया ।


आरोपी विज्डम द्वारा पूछताछ में बताया गया कि वह वर्ष 2014 एवं वर्ष 2017 में भारत बिजनेस वीजा पर आया था। वीजा खत्म होने के बाद अवैध रूप से दिल्ली एनसीआर में रहकर इस ठगी के कार्य मे सक्रिय हो गया। अलग-अलग विदेशी फर्जी नामो से फेसबुक आईडी बनाकर विशेष कर भारतीय युवती एवं महिलाओं से चैटिंग कर उनको अपनी बातों के झॉसे मे लेकर उनसे दोस्ती करते है और बाद मे जब उन युवती एवं महि लाओं को उन पर पूरा विश्ववास हो जाता है, तो उनको महंगे गिफट व उपहार का लालच देते है । फिर गिरोह के अन्य सदस्य ‍कस्टम अधिकारी बनकर युवती / महिलाओं से पार्सल छुडवाने की एवज में टैक्स व पेनल्टी के नाम पर रूपयों की डिमांड कर बैंक खाते व्हाटसएप के जरिए मैसेज करते है और रूपयें ट्रांसफर करवाते है । जो रूपयें नही डालते है, उनको ये लीगल एक्शन का डर दिखाकर जेल जाने की धमकी देकर धोखाधडी पूर्वक रूपये ट्रांसफर करवाते है । आरोपी द्वारा अलग-अलग भारतीय बैंक खातें व मोबाईल नंबर प्राप्त करने के लिए एक मोटी रकम उपलष्ध करवाने वालों को दी जाती है ।

जो लोग बैंक खातें व फर्जी नामों से मोबाईल नंबर लेकर आरोपी को कोरियर के माध्यम से उसके बताए हुए पते पर भेज देते थे, जिसका कमीशन आरोपी द्वारा उनके बैंक खातों मे ट्रांसफर कर दिया जाता था । बैंक खातें उपलब्ध करवाने वाले दलाल मजदूर व गरीब व्यकियो को ‍कुछ रूपयों का लालच देकर उनसे उनके दस्तावेजो के आधार पर बैंक खातें खुलवाकर, बैंक खातों की पासबुक व एटीएम कार्ड प्राप्त कर आरोपी को कुरि यर के माध्यम से भेज देते थे ।


राज्य सायबर सेल जोन इन्दौर की विवेचना में यह भी तथ्य सामने आया है, कि आरोपी उसके अन्य साथीगण भारतीय नागरिको को लॉटरी ईनाम खुलने एवं विदेश मे नौकरी देने का झॉसा देकर उनसे छल- कपट कर रूपयों की डिमांड करते है । जिसकी जॉच की जा रही है व गिरोह के जुडे अन्य सदस्यों के बारे मे आरोपी का पुलिस रिमांड प्राप्त कर पूछताछ की जा रही है ।

आरोपी के पास से
 लैपटॉप 02 नग
 पैनडॉइव 03 नग
 मोबाईल फोन 09 नग
 सिम कार्ड 08 नग
 2 डोंगल
 पासपोर्ट
 अलग्ग-अलग बैंक खातों की 08 पासबुक( जिसमें 06 ग्वालियर ब्रांच की पासबुक)
 3 एटीएम डेबिट कार्ड
 नगद राशि 11000 बरामद की गई है।

विशेष जांच दल के सदस्यः- उक्त अपराध की विवेचना मे निरीक्षक अंबरीश मिश्रा, निरी. राजेन्द्र जाट, प्र.आर. मनोज राठौङ, प्र.आर. रामप्रकाश वाजपेयी,प्रआर रामपाल, आर. राहुल सिंह गौर, आर. विजय बडोदकर, आर विवेक मिश्रा, आर रमेश भिडें की भूमिका रही।

अतिरक्त पुलिस महानिदेशक, सायबर सेल योगेश चौधरी ने सायबर टीम को पुरस्क़त करने की घोषणा की है ।

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