इंदौर के एक युवक ने अधिक कर्जा हो जाने पर रची अपने अपहरण व फिरौती की अजब-गजब कहानी…,धमकी भरे मेसेज भी किये, जयपुर से पकड़ा गया

इंदौर। इंदौर के एक युवक ने अधिक कर्जा हो जाने पर क्राइम सीरियल देखकर अपने ही अपहरण व फिरौती की गजब कहानी रच डाली। पत्नी व अन्य परिजन को धमकी भरे मेसेज भी किये। आखिरकार पुलिस ने उसे जयपुर से पकड़ लिया। आरोपी ने इस झूठी कहानी में मप्र के अलावा उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान पुलिस को भी परेशान किया।

पत्नी ने की रिपोर्ट

भारती चौधरी निवासी न्यू हरसिद्धि नगर खजराना इंदौर द्वारा सूचित किया गया उसका पति मनोज चौधरी गत 10 अक्टूबर 2019 के दोपहर एक बजे किराने की दुकान से सामान लाने का बोलकर गया था, जो वापस घर नहीं आए।


इसी कड़ी में एक नया मोड़ 13 अक्टूबर को आया जब फरियादी भारती चौधरी द्वारा पुनः थाने में उपस्थित होकर बताया कि उसकी भाभी रीना चौधरी निवासी गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के मोबाइल पर उसके पति मनोज चौहान के व्हाट्सएप से मैसेज आया है जिसमें पति मनोज का हाथ मुह बंधा फ़ोटो आया है।

फरियादिया के पास एंड्राइड मोबाइल ना होने से उसके द्वारा उक्त फोटो पड़ोसी रवि के मोबाइल पर मंगाया गया। मनोज द्वारा अपने ही नंबर से फरियादिया भारती से फोन कर बोला कि मुझे किडनैप कर लिया है तथा किडनेपर 4 लाख रुपए मांग रहे हैं वह भाई से बोल कर उसके अकाउंट में पैसा जमा करवा दें नहीं तो किडनेपर उसे मार देंगे।


प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रुचिवर्धन मिश्र द्वारा पुलिस अधीक्षक पूर्व यूसुफ कुरैशी के मार्गदर्शन व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पूर्व जोन 02 शैलेंद्र सिंह चौहान, नगर पुलिस अधीक्षक अनुभाग खजराना एस.के.एस तोमर के निर्देशन में टीम गठित की गई। टीम का नेतृत्व थाना प्रभारी खजराना प्रीतम सिंह ठाकुर द्वारा किया गया।


अलग अलग फोटो भेज रहा था
कथित अपह्रत स्वयं अपने मोबाइल के व्हाट्सएप मैसेजो के माध्यम से अलग अलग समय व दिनांकों को परिवारजनों के मोबाइल पर मैसेज कर रहा था। वह कभी स्वयं का मुंह बना हुआ, कभी सर पर पट्टी बंधी हुई, कभी जमीन पर पड़ा तथा कपड़े में लिप्त हुए फोटो मैसेज करता था तथा अपनी पत्नी के मोबाइल पर फोन कर पैसा जल्दी डलवाने तथा किडनैपर को बहुत खतरनाक बताता तथा बोलता था कि किडनैपर उसके साथ बहुत मारपीट कर रहे है तथा जल्दी पैसा नही डाला तो वह मार डालेंगे ओर फ़ोन कट जाता था।

छानबीन में मनोज के ए.टी.एम से दिल्ली, मथुरा व जयपुर के एटीएम से पैसे निकाले गए थे। प्रकरण में सभी कड़ियों को जोड़कर टीम द्वारा मनोज को जयपुर की एक होटल से बरामद किया गया।


बोला, कर्जा हो गया था

मनोज ने पूछताछ में बताया कि उसकी चित्रा नगर में किराए की मोबाइल शॉप है, जिसमें वह एमपी ऑनलाइन का काम करता है तथा मोबाइल फाइनेंस कर बेचता है।

उक्त दुकान के पास में ही उसकी किराने की दुकान है जिस पर उसकी पत्नी बैठती है। उसके सिर पर लाखो रुपए का कर्जा हो गया था, उससे कर्जाधारी लोग पैसा मांग रहे थे, कर्जाधारियों से परेशान हो गया था।

उसे कुछ न सूझा तो उसने खुद के अपहरण की कहानी रच दी तथा वह पुलिस व परिवारजनों को भ्रामक मैसेजो के माध्यम से लगातार भ्रमित करता रहा। किंतु पुलिस की सूझबूझ के आगे वह टिक नहीं पाया।

उक्त कार्यवाही में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना प्रभारी खजराना प्रीतम सिंह ठाकुर, सहायक उपनिरीक्षक महेंद्र सिंह दंडोतिया टीम का योगदान रहा।

एडिशनल एसपी शैलेन्द्र सिंह चौहान झूठे अपहरण मामले की जानकारी देते हुए।

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