इंदौर में स्वरोजगार योजना के मुद्रा लोन की सबसिडी के रूपयों का गबन करने का आरोपी बैंक मैनेजर सायबर सेल की गिरफ्त में

इंदौर। इंदौर में स्वरोजगार योजना के मुद्रा लोन की सबसिडी के रूपयों के गबन करने का आरोपी बैंक मैनेजर सायबर सेल की गिरफ्त में आया है।पकड़े गए आरोपी का नाम अभिषेक नामदेव है।

राज्य सायबर सेल इन्दौर के पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह के द्वारा बताया गया कि फरियादी शैलेन्द्र शर्मा निवासी- 2716, ई- सेक्टर, सुदामा नगर, इन्दौर के द्वारा आवेदक के दस्तावेजों का दुरूपपयोग कर बैंक में खाता खुलवाकर फर्जी तरीके से लोन प्राप्त करने के संबंध में शिकायत की गई थी।

शिकायत की जाॅच पर से अपराध पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया।इस केस में पूर्व में गिरफ्तार आरोपी विशाल डांगी निवासी- ग्राम बामोरी साला तहसील सिरोंज जिला विदिशा म0प्र0 वर्तमान पता- 34, के0ए0 गुमास्ता नगर, इन्दौर (म0प्र0) के द्वारा इन्दौर प्रिमियर को-आॅपरेटिव बैंक ब्रांच अन्नपूर्णा इन्दौर में फर्जी फर्म ‘अवतार स्पेयर सेंटर’ के नाम से खुलवाये गये। बैंक खाते में आरोपी पिन्टू कजरे के सहयोग से आवेदक शैलेन्द्र शर्मा का फर्जी सबसिडी वाले सात लाख रूपये के लोन का डिमाण्ड ड्राफ्ट अपने बैंक खाते में विड्रोल किया गया।

विवेचना में आरोपी विशाल डांगी के उपरोक्त फर्जी बैंक खाते में कुल 09 फर्जी लोनों के 63 लाख रूपये आना पाये गये। जिसकी विवेचना में गिरफ्तार आरोपी विशाल डांगी के इन्दौर प्रिमियर को-आॅपरेटिव बैंक ब्रांच अन्नपूर्णा इन्दौर में फर्जी फर्म अवतार स्पेयर सेंटर के नाम से खुलवाये गये बैंक खाते में कुल 09 फर्जी लोनों के 63 लाख रूपये की जाॅच में दो लोन यूनियन बैंक आॅफ इंडिया ब्रांच स्कीम नम्बर 78 से होना पाये गये, जिसमें आरोपी ब्रांच मैनेजर अभिषेक नामदेव को गिरफ्तार किया गया है।

पूछताछ में आरोपी अभिषेक द्वारा पूर्व में गिरफ्तार आरोपी सोनू उर्फ सोहन पवार और पिन्टू कजरे के साथ मिलकर फर्जी लोन करना, प्रि-इंस्पेक्शन रिपोर्ट, के्रडिट इंफार्मेशन रिपोर्ट, डयू डिलीजेंस रिपोर्ट, बैंक के लेस साॅफ्टवेयर पर लोन प्रोसंेसिंग और लोन संेशन किया और डी0डी0 बनाने के बाद बिल प्राप्त होने पर पोस्ट इंस्पेक्शन विजिट करने के बाद पोस्ट इंस्पेक्शन रिपोर्ट तैयार करना बताया गया।

आरोपी द्वारा किये गये लोनों की तस्दीक करने पर लोन आवेदकों के पते पर कोई व्यवसायिक वजूद नही होना पाया गया है, एवं एक लोन मे तो परियोजना प्रपत्र में मिक्सर एण्ड सेल्स सर्विस का लगा पाया गया, पर आरोपी अभिषेक नामदेव द्वारा बिना दस्तावेजों को जाॅचे परखे आरो वाॅटर के नाम से फर्जी सबसिडी वाला लोन करना पाया गया।


उक्त प्रकरण की विवेचना में निरीक्षक अम्बरीश मिश्रा, सउनि धीरजसिंह गौर, प्र0आर0 रामप्रकाश बाजपेई, आर0 रमेश भिडे, गजेन्द्रसिंह राठौर, विजय बडोदकर, महावीर परिहार, रवि की भूमिका रही।

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