इंदौर जिले में पटवारियों के लिये बनेगी आचार संहिता, राजस्व वसूली तथा प्रकरणों के निराकरण के लिये लगेंगे शिविर

इंदौर। इंदौर जिले में पटवारियों के लिये आचार संहिता बनाई जायेगी। आचार संहिता के माध्यम से पटवारियों की उपस्थिति मुख्यालय में सुनिश्चित किया जायेगा तथा उनके कार्य को प्रभावी बनाया जायेगा। जिले में बकाया राजस्व वसूली तथा बटवारा और अन्य राजस्व प्रकरणों निराकरण के लिये शिविर लगाये जायेंगे।

यह जानकारी आज यहां कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव द्वारा ली गई राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में दी गई। बैठक में अपर कलेक्टर दिनेश कुमार जैन, कैलाश वानखेड़े, पवन जैन, बी बी एस तोमर सहित अन्य राजस्व अधिकारी मौजूद थे।

बैठक में कलेक्टर जाटव ने अधिकारीवार राजस्व प्रकरणों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिये कि जिले में अभियान चलाकर राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाई जाय। सभी राजस्व अधिकारी अपने-अपने न्यायालय में ज्यादा समय दें। सितम्बर 2019 तक जो प्रकरण दर्ज हुए हैं उन्हें मार्च 2020 तक अनिवार्य रूप से निराकृत किये जाय।

नामांतरण तथा बटवारा प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए शिविर लगाये। बटवारा प्रकरणों के निराकरण पर भी विशेष ध्यान देवे। जिले में बकाया राजस्व वसूली के लिए भी शिविर आयोजित किए जाय। उन्होंने बताया कि जिले में पटवारियों के लिये आचार संहिता बनाई जा रही है। इसके तहत पटवारियों की मुख्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित की जायेगी।

पटवारियों से कहा गया है कि वे निर्धारित दिन अपने-अपने मुख्यालयों में उपस्थित रहकर नागरिकों की समस्याओं का निराकरण करे। उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिये सार्थक एप से उपस्थिति ली जायेगी। तहसीलदार इनके कार्यों की मानीटर्रिंग करेंगे। ग्रामीण क्षेत्र में पटवारी निर्धारित दिनों में आवंटित पंचायत मुख्यालय और इंदौर में कलेक्ट्रोरेट में उपस्थित रहेंगे।

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