इंदौर में पकड़ाया हवाला का अवैध कारोबार, 6 आरोपी क्राईम ब्रांच की गिरफत में, मेहसाना गुजरात के आरोपियों द्वारा चलाया जा रहा था, कोड बताते ही होता लाखों रुपये का हिसाब किताब, कई शहरों में जुड़ा है आरेपियों का नेटवर्क


इंदौर। सोमवार को इंदौर में हवाला का अवैध कारोबार पकड़ा गया। कुल 6 आरोपी क्राईम ब्रांच की गिरफत में आए हैं। मेहसाना गुजरात के आरोपियों द्वारा इसे चलाया जा रहा था। कोड बताते ही लाखों रुपये का हिसाब किताब हो जाता था। आरोपियों का कई शहरों में नेटवर्क जुड़ा है।
इन आरोपियों को गिरफतार कर 10 लाख 26 हजार 700 रूपये बरामद किये गये हैं।
क्राईम ब्रांच इंदौर की टीम को मुखबिर तंत्र के माध्यम से सूचना मिली थी कि गुजरात के रहने वाले कुछ व्यक्ति इंदौर के सिल्वर मॉल में ऑफिस संचालित कर हवाला के रूपयों को लेन देन कर रहे हैं। इस आधार पर क्राईम ब्रांच की टीम ने थाना तुकोगंज पुलिस के साथ संयुक्त कार्यवाही करते हुये सिल्वर मॉल के प्रथम मंजिल 105 बी ब्लॉक पर दबिश दी जहां से 06 आरोपियों को हिरासत में लिया गया। इनके नाम 1. अमन उर्फ आकाश पिता दिनेश जैन उम्र 20 वर्ष निवासी गोमा की फेल के पास इंदौर 2. सलीम पिता रफीक रहमान उम्र 36 वर्ष निवासी 246 बी चंदननगर धार रोड इंदौर 3. मंजूर खान पिता अजमेरी खान कुमार उम्र 38 वर्ष निवासी जूना रिसाला इंदौर 4. सिमरन सिंह पिता सतनाम बग्गा उम्र 24 वर्ष निवासी जीएनटी मार्केट धार रोड इंदौर 5. राजेन्द्र सिंह पिता सज्जन सिंह राठौर उम्र 60 वर्ष निवासी गुजरात हाल मुकाम साईनाथ कॉलोनी तिलकनगर इंदौर 6. सजय पिता तरसी भाई जाति पटेल उम्र 37 वर्ष निवासी साईनाथ कॉलोनी तिलकनगर है।

आरोपीगण राजेन्द्र सिंह राठौर एवं संजय पिता तरसी भाई हवाला कारोबार के संचालनकर्ता है, जिन्होंनें बताया कि उपरोक्त हवाले के कारोबार के मालिक गुजरात मेहसाना के रहने वाले संजय-विजय भाई है जो कि मौके पर नहीं मिले। आरोपियों राजेन्द्र व संजय ने बताया कि संपूर्ण कारोबार का लेन देन अधिकांशतः वही देखते थे जो कि गुजरात के मूल निवासी हैं तथा हवाला के काम के सिलसिले में इंदौर में विगत 04-05 वर्षों से रह रहे थे और किराये का आफिस लेकर कोरियर के काम का होर्डिंग लगाकर हवाला संबंधी पैसों के लेन देन का कामकाज देखते थे। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह इंदौर के अलावा हवाला के जरिये पैसों का लेन देन मुंबई पुणे, बड़ोदरा दिल्ली लखनउ जैसे शहरों में करते हैं उन शहरों में इनके गुर्गे मौजूद है जोकि वहां नगदी जमा कराकर जमाकर्ता को कोड बता देते है। संबंधित लेनदार जब इंदौर में कोड बताता है तो वह इंदौर से पैसे प्राप्त कर लेता है। ऐसा ही हवाला में पैसा जमा करते वक्त इंदौर के जमाकर्ताओं को कोड बताया जाता था तथा उन्हें अन्य शहर में पैसे की आवश्यकता होने पर वहां कोड बताने पर हवाला कंपनियों के व्यक्तियों द्वारा पैसा दे दिया जाता था जिस पर हवाला कंपनी के द्वारा 300 से 500 रू प्रतिलाख के हिसाब से कमीशन लिया जाता था। अन्य चार व्यक्ति आकाश, सलीम, मंजूर व सिमरन यहां हवाला का पैसा जमा करने आये थे जिसमें आकाश के कब्जे से 50 हजार नगदी बरामद हुई जोकि दिल्ली के लिये हवाला कराने वाला था। मंजूर खान के कब्जे से 03 लाख नगदी मिली यह नागपुर के लिये हवाला कराने आया था, सिमरन के कब्जे से 6 लाख 35 हजार नगदी मिली तथा सलीम के कब्जे से 41 हजार 700 रू नगदी मिली जोकि ये सभी हवाला के पैसों को जमा कराने के लिये आये थे।

मौके से नोट गिनने वाली इलेक्टिक मशीन, पैसों को रखने वाली बनियान जिसमें अंदर बड़ी बड़ी जेब होती है हवाला के लेन देन संबंधी कोड, लेखा जोखा के रजिस्टर व अन्य कागजात मिले जिन्हें जब्त कर ऑफिस सील किया गया तथा आरोपियों को हिरासत में लिया जाकर कुल नगदी करीबन 10 लाख 26 हजार 700 रू जप्त किये गये हैं। आरोपियों से थाना तुकोगंज पर विस्तृत पूछताछ जारी है जहां वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। डीआईजी हरिनारायण चारी मिश्र के निर्देशन में यह कारवाई की गई।

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