Nov 29 2022 / 2:55 AM

लोक प्रशासन में उत्कृष्ट कार्य के लिए कलेक्टर  मनीष सिंह को मिला प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार, सिंह ने कहा- जनप्रतिनिधियों, नागरिकों व सफाई कर्मियों की सक्रिय सहभागिता बनी देशभर में उदाहरण

इंदौर। स्वच्छता में सिरमौर बना इंदौर और यहां के नागरिकों का स्वच्छता के प्रति समर्पण एक बार पुनः पुरस्कृत किया जा रहा है। इंदौर के स्वच्छता के जन सहभागिता मॉडल को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है। यह अवार्ड कलेक्टर मनीष सिंह द्वारा दिल्ली में ग्रहण किया जाएगा। वर्ष 2020 में लोक प्रशासन के क्षेत्र में प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार की कैटेगरी “स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के माध्यम से जन आंदोलन को बढ़ावा – जनभागीदारी” के तहत इन्दौर का चयन करते हुए केन्द्र सरकार द्वारा जिला कलेक्टर मनीष सिंह को इस क्षेत्र में प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है।

कलेक्टर श्री सिंह ने इंदौर के सफाई कर्मियों और नागरिकों को समर्पित किया पुरस्कार

            इस अवसर पर कलेक्टर सिंह ने कहा है कि यह अवार्ड स्वच्छता के क्षेत्र में काम करने वाले समस्त अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ-साथ सफाईकर्मियों,
इंदौर के समस्त नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता और परिश्रम के कारण इंदौर को प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि जिले के जनप्र तिनिधियों, नागरिकों और सफाई कर्मियों की सक्रिय सहभागिता देशभर में उदाहरण बन चुकी है। उन्होंने यह उत्कृष्टता पुरस्कार इंदौर के सफाई कर्मियों और नागरिकों को समर्पित किया।

            उल्लेखनीय है कि यह अवार्ड टीम इन्दौर को स्वच्छता के क्षेत्र में सफल तरीके से जनभागीदारी करते हुए उसे जन आंदोलन बनाने के लिए दिया जा रहा है। वर्ष 2020 हेतु यह अवार्ड केन्द्र सरकार द्वारा प्रत्येक राज्य के रेसीडेंट कमिश्नर के माध्यम से अवार्डी अधिकारियों को दिया जाएगा।  इस पुरस्कार में ट्रॉफी, प्रशस्ती पत्र तथा जिले को 10 लाख रुपए का रिवार्ड दिया जाएगा,जिसे कलेक्टर द्वारा लोक कल्याण संबंधी कार्यों में अथवा स्वच्छ भारत मिशन से संबंधित कार्यों में व्यय किया जा सकेगा।

विदित है कि लोक प्रशासन के क्षेत्र में प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार वर्ष 2006 में केन्द्र सरकार द्वारा योजना के रूप में प्रारंभ की गई थी, जिसमें सम्पूर्ण देश में विभिन्न जिलों अथवा केन्द्र/राज्य सरकार के संगठनों द्वारा किये गये, असाधारण एवं अभिनव कार्यों को पुरस्कृत किया जाता है। राज्य शासन की विभिन्न स्कीम जिसमें स्वच्छ भारत मिशन भी शामिल है, को भी केन्द्र सरकार द्वारा “मिशन मोड” में लागू किया गया था। जिसमें विभिन्न कार्यों के साथ-साथ नागरिकों की सहभागिता विभिन्न विभागों की योजनाओं का समावेश एवं टेक्नोलॉजी का उपयोग भी प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरुस्कार लोक प्रशासन के क्षेत्र में दिए जाने के पूर्व मापदण्डों के रूप में देखा जाता है। किसी भी “मिशन मोड” के कार्यक्रम जैसे स्वच्छ भारत मिशन का क्रियान्वयन करने में प्लानिंग, उसका क्रियान्वयन, विभिन्न संसाधनों की उपलब्धता तथा कम्यूनिटी/समाज की उसमें सहभागिता तथा सहयोग आवश्यक भाग रहते है तथा इन सभी मापदण्डों को अवार्ड के आंकलन में देखा जाता है।

संशोधित

पहली बार इंदौर कलेक्टर को हासिल हुआ यह गौरव

प्रधानमंत्री उत्कृष्टता अवार्ड को पाना किसी भी आईएएस अधिकारी के लिए जीवन का सबसे बड़ा सपना होता है । इंदौर के कलेक्टर मनीष सिंह को यह अवार्ड देने का आज ऐलान हुआ है । वरिष्ठ पत्रकार जितेंद्र जाखेटिया लिखते हैं कि निश्चित तौर पर मनीष सिंह इस अवार्ड के हकदार हैं । उनके द्वारा इंदौर नगर निगम के आयुक्त के पद पर काबिज रहते हुए शहर को स्वच्छ बनाने में जिस तरह से जनता को भागीदार बनाया गया, वह आज भी दूसरे शहरों के लिए असंभव बना हुआ है । मनीष सिंह ने शहर को स्वच्छ बनाना, इस काम में जनता को भागीदार बनाना, शहर की सड़क को आवारा पशु मुक्त करना और सफाई के काम में लापरवाही बरतने पर दंडित करना … इस पूरे काम में जनता जिस तरह से सहभागी बनी उसी ने मनीष सिंह के लिए यह अवार्ड मिलने का रास्ता खोला ।

इसके पूर्व भी एक मौका ऐसा आया था जब इंदौर के कलेक्टर को यह गौरव हासिल होने वाला था ।  इंदौर के कलेक्टर के पद पर काबीज रहे विवेक अग्रवाल को भी प्रधानमंत्री उत्कृष्टता अवार्ड के लिए नामांकित किया गया था । यह अवार्ड उन्हें कलेक्टर के पद पर रहते हुए लोक परिवहन के रूप में इंदौर के सिटी बस के मॉडल को शुरू करने के लिए दिया जाना था । सरकार का एक पैसा भी लगे बगैर इंदौर में सिटी बस सेवा शुरू करना अग्रवाल की ही प्लानिंग का नतीजा था ।  उस वक्त अग्रवाल को यह अवार्ड मिलता है उसके पूर्व कांग्रेस के एक नेता के द्वारा शिकायत किए जाने के कारण उन्हें इस अवार्ड से अलंकृत नहीं किया जा सका था ।

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