इंदौर में वारंटी को पकड़ने के लिए किसान को तालाब में कुदवाने के मामले में पुलिस के खिलाफ कोर्ट में परिवाद

इंदौर। इंदौर में एक वारंटी को पकड़ने के लिए किसान को तालाब में कुदवाने के मामले में पुलिस के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दायर किया गया है। इसमे दोषियों के विरुद्ध हत्या व अन्य धाराओं में केस दर्ज करने की गुहार की गई है।


जेएमएफसी विजेंद्र सिंह रावत की कोर्ट में मृतक किसान माणकचन्द के गोपाल की ओर से एडवोकेट लालजी बाबू गौर द्वारा यह निजी परिवाद पेश किया गया। इसमे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत चौबे, रेखा सचदेव तहसीलदार, प्रभारी तत्कालीन थाना बाणगंगा इंदौर अर्जुन सिंह राठौर, तत्कालीन थाना बाणगंगा उप निरीक्षक सुरेश गामड़े, प्रधान आरक्षक थाना बाणगंगा, विकास भदौरिया आरक्षक थाना बाणगंगा को पक्षकार बनाया गया है।

एडवोकेट गौर ने बताया कि कोर्ट द्वारा मामले में प्रतिवेदन हेतु आगामी 13 दिसम्बर 2019 नियत की गई है।


यह था मामला

12 अक्टूबर 2018 को टिगरिया बादशाह तालाब में एक फरार वारंटी को पकड़ने के लिए कूदे 55 साल के किसान माणकचन्द की मौत हो गई थी।


आरोप है कि पुलिस को देख जब बदमाश रवि बारीक ने तालाब में छलांग लगाई तो वहीं किसान माणकचन्द भी थे जो खेत में पानी डालने के लिए तालाब किनारे गए थे। पुलिस ने उन्हें रवि को पकड़ने के लिए धमकाकर तालाब में उतार दिया जिससे डूबने से उनकी मौत हो गई।

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