अयोध्या फैसले के बाद विवादास्पद बयान पर हैदराबाद के सांसद ओवैसी के विरुद्ध इंदौर की कोर्ट में परिवाद, कोर्ट ने जांच प्रतिवेदन बुलाया

इंदौर। अयोध्या मामले में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विवादास्पद बयान देने वाले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन प्रमुख हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ इंदौर के ACJM इंदौर अमित गुप्ता के न्यायालय मे परिवाद प्रस्तुत किया गया।


यह निजी परिवाद दायर करने वाले एडवोकेट सुनील वर्मा ने बताया कि न्यायालय द्वारा जाँच प्रतिवेदन बुलवाया है जिसके लिए अगली तारीख 22 नवंबर 2019 नियत् की गई है।

उन्होंने बताया कि इसी के साथ उनके द्वारा सुप्रीम कोर्ट में पत्र याचिका प्रेषित की गई है, जिसमें ओवैसी द्वारा की गई टिप्पणी को सुप्रीम कोर्ट की अवमानना व सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने वाला बताते हुए ओवैसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।

दरअसल सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपने फैसले में विवादित जमीन को रामलला जन्मस्थान मानने के साथ कोर्ट ने मुस्लिम समाज को अयोध्या में वैकल्पिक स्थान के बतौर 5 एकड़ जमीन दिए जाने का निर्णय सुनाया था।

जिस पर ओवैसी ने प्रतिक्रिया दी थी और कहा था कि मुस्लिम समाज इतना गिरा हुआ नहीं है कि खैरात में 5 एकड़ जमीन लेगा। परिवादी का कहना है कि ओवैसी के भड़काऊ भाषण से देश का सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता था और देश में एकता व अखंडता बरकरार रखने की कोशिश करने वाले सरकारी तंत्र की मुश्किले बढ़ सकती थी।

भड़काऊ भाषण देने और देश का सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले ओवैसी के खिलाफ धारा 153 ए,  295 ए, 298 ए भारतीय दंड संहिता के तहत कार्रवाई किए जाने की मांग न्यायालय से की गई है।

Spread the love

8

इंदौर