Dec 08 2022 / 1:41 AM

12 से 17 साल के बच्चों के लिए कोवोवैक्स वैक्सीन को डीसीजीआइ ने दी मंजूरी

नई दिल्ली। भारत के दवा नियामक ने 12 से 17 साल आयुवर्ग के किशोरों के लिए कोरोना रोधी वैक्सीन कोवोवैक्स के आपातकालीन उपयोग को मंजूरी दी है। इस वैक्सीन का उत्पादन पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया कर रही है, जिसकी कोविशील्ड टीकाकरण अभियान में वयस्कों को लगाई जा रही है।

पिछले हफ्ते ही केंद्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने 12-17 आयुवर्ग के लिए कोवोवैक्स को मंजूरी देने की सिफारिश की थी।

इसके बाद भारत के दवा महानियंत्रक (डीसीजीआइ) ने भी इसे मंजूरी दे दी है। वयस्कों पर कोवोवैक्स के इस्तेमाल की पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। हालांकि, सरकार ने अभी 15 साल से कम उम्र के बच्चों के टीकाकरण पर कोई फैसला नहीं किया है।

अभी 15 वर्ष और उससे ज्यादा उम्र के लोगों का टीकाकरण ही हो रहा है।कोवोवैक्स को मूलरूप से अमेरिकी दवा कंपनी नोवावैक्स ने विकसित किया है। तकनीक हस्तांतरण के आधार पर सीरम देश में इसका उत्पादन कर रही है।

डीसीजीआइ ने पिछले साल अगस्त में 12 साल और उससे ज्यादा उम्र के बच्चों और वयस्कों के लिए जायडस कैडिला की जायकोव-डी के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी दी थी। 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए मंजूरी पाने वाली यह देश की पहली कोरोना रोधी वैक्सीन थी।

इसके अलावा 12 से 18 वर्ष आयुवर्ग के लिए पिछले साल दिसंबर में भारत बायोटेक की कोवैक्सीन और इस साल फरवरी में बायोलाजिकल ई की कोर्बेवैक्स के आपात इस्तेमाल को भी मंजूरी मिल चुकी है।

Share with

INDORE