Dec 05 2022 / 1:10 PM

उज्जैन में क्लर्क के घर EOW की छापामार कार्रवाई, निकला करोड़पति

उज्जैन: EOW की छापेमारी के दौरान उज्जैन में शिक्षा विभाग के लिपिक धर्मेंद्र चौहान के घर से मात्र 34 हजार की नकदी मिली है। EOW ने प्रारंभिक जांच के बाद खुलासा करते हुए कहा है कि लिपिक के घर से बेनामी संपति होने के रिकॉर्ड मिले हैं।

उज्जैन में शिक्षा विभाग के एक लिपिक धर्मेंद्र चौहान के अंकपात मार्ग स्थित निवास पर बुधवार सुबह उज्जैन EOW ने कार्रवाई की। शुरुआती तलाशी में ही शिक्षक के पास से करोड़ों की चल अचल संपत्ति मिली है, जबकि उसे 26 साल की नौकरी में वेतन करीब 35 लाख रुपए मिला है। पूरी जांच के बाद संपत्ति कई गुना बढ़ने की उम्मीद है।

श्रीकृष्ण कॉलोनी निवासी धर्मेद्र चौहान महाराज वाड़ा स्कूल क्रमांक 2 में लिपिक है। प्राथमिक जांच में चौहान के घर से नकदी तो मात्र 34 हजार रुपए मिले, लेकिन महालक्ष्मी कॉलोनी में आलीशान मकान, बड़नगर स्थित ग्राम धरेड़ी में करोड़ों की जमीन, ट्रैक्टर, थ्रेशर मशीन, स्कार्पियों व स्विफ्ट कार के साथ यूको बैंक में लॉकर का रिकॉर्ड मिल गया। इस पर टीम ने उसका सर्विस रिकाॅर्ड खंगाला। पता चला धर्मेद्र के पिता अंतर सिंह शिक्षक थे। उनकी मौत के बाद धर्मेंद्र की 1994 में 750 रुपए वेतन पर अनुकंपा नियुक्ति हुई थी। तब से अब तक उसे करीब 35 लाख रुपए वेतन मिला है।

पीए बन पांच साल में बना करोड़पति

EOW की टीम ने शिक्षक का सर्विस रिकार्ड खंगाला तो पता चला कि धर्मेंद्र के पिता अंतरसिंह शिक्षक थ। उनकी मौत के बाद धर्मेंद्र की 1994 में 750 रुपए वेतन पर अनुकंपा नियुक्ती हुई थी।अब तक उसे करीब 35 लाख रुपए वेतन मिला है।ईओडब्ल्यू को मिली जानकारी के अनुसार धर्मेंद्र वर्ष 2005 से 2010 तक जिला पंचायत में अध्यक्ष का पीए रहा है, उसी दौरान उसने बैनामी संपत्ति अर्जित की है।जांच के बाद संपत्ति के और भी रिकार्ड मिलने की उम्मीद है।धर्मेंद्र पर मारपीट के भी केस दर्ज हैं।

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