यदि आप संक्रमित हो चुके हैं तो भी टीका जरुर लगवाए, वैक्सीन के बारे में जानें वे सारे महत्वपूर्ण तथ्य जो आप जानना चाहते हैं, मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा तैयार की गई प्रश्नोत्तरी

इंदौर। संभागायुक्त डॉ पवन शर्मा कि निर्देश पर महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज इंदौर द्वारा कोरोना के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले पश्न और उनके समाधानों की जानकारी उपलब्ध कराई गई है। यह प्रश्नोत्तरी डॉ हमेंत जैन एवं मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा तैयार की गई है।


प्रश्नः01 , वर्तमान समय में देश में कोरोना के कौन कौन से टीके उपलब्ध हैं और उन टीकों को कौन लगवा सकता है?
उत्तरः वर्तमान में दो टीके कोविशिल्ड और कोवैक्सीन टीकाकरण के लिए उपलब्ध हैं।

इन्हें देश के विभिन्न भागों में आपूर्ति और वितरण योजना के अनुसार भेजा जा रहा है। अब तक सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ता, फ्रंट लाइन कार्यकर्ता और 45 तथा 45 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिक टीका लेने के लिए पात्र हैं।


प्रश्नः02, क्या वैक्सीन लेना अनिवार्य है?
उत्तरः कोविड-19 के लिए टीकाकरण स्वैच्छिक है। हालांकि, अपने आप को बचाने और बीमारी के प्रसार को सीमित करने के लिए वैक्सीन का पूरा शेड्यूल(दो डोज़) लिया जाना जरुरी है।


प्रश्नः03, दोनों टीकों की खुराक और समय क्या है?
उत्तरः कोविशिल्ड के लिए डीसीजीआई (DCGI) द्वारा दी गई अनुमति के अनुसार कोवीशिल्ड की पहली खुराक लेने के बाद दुसरी खुराक 6 -8 सप्ताह बाद तथा को कोवैक्सीन की पहली खुरा लेने के बाद दूसरी खुराक 28 दिन बाद लिया जाना चाहिए।


प्रश्नः04, बेहतर वैक्सीन कौन सी है?
उत्तरः अब तक किए गए अध्ययनों के अनुसार, दोनों टीके संक्रमण को रोकने के लिए ठीक काम करते हैं और साथ ही एक व्यक्ति को बीमारी की गंभीर स्थिति में जाने से रोकते हैं, जो कि बुजुर्ग लोगों या कोमोरबिडिटी (दूसरी बीमारियों से ग्रास्ति) वाले लोगों में मृत्यु को रोकने में सहायक होगा।


प्रश्नः05 क्या जो लोग कोरोना से संक्रमित है या जिन्हें संक्रमण हो चूका है वे टीका लगा सकते है?

उत्तरः हाँ, कोरोना संक्रमण के बाद यह सुनिश्चित नहीं है कि कोरोना का संक्रमण दुबारा नहीं होगा। इसलिए यह सलाह दी जाती है कि यदि आप संक्रमित हो चूके हैं तो भी टीका जरुर लगवाए। ऐसे लोगों को टीका संक्रमण से उभरने के 4-8 हफ्ते बाद लगाया जाना चाहिए।


प्रश्नः06, टीकाकरण के कितने दिनों के बाद शरीर में कोरोना के खिलाफ प्रतिरक्षा (एंटीबॉडी) पैदा होगी और कितने दिनों तक रहेगी?
उत्तरः टीके ( कोविशिल्ड और कोवैक्सीन) की दोनों खुराक लेने के बाद 2 से 3 सप्ताह के अन्दर शरीर में कोरोना से लडने की क्षमता विकसित हो जाती है।


प्रश्नः07, क्या टीका लगाने के बाद कोई गंभीर समस्या या दुष्प्रभाव पैदा होता है?
उत्तरः नहीं, अभी तक दोनों टीको का कोई गम्भीर दुष्प्रभाव समाने नहीं आया है। टीका लगने के बाद केवल दर्द, बुखार वा बदन दर्द जैसे मामूली समस्या ही सामने आई हैं। जो टीका लगने के एक से दो दिनों के भीतर कम हो जाती हैं।

इसलिए दोनों टीकों को सुरक्षित माना जा सकता है। वैसे किसी भी असुविधा या शिकायत के मामले में लाभार्थी स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ता से संपर्क कर सकते हैं या फोन कर सकते हैं जिसका फोन नंबर टीकाकरण के समय दिया जाता है।


प्रश्नः08, क्या टीके की दूसरी खुराक भी पहले वाली के समान होनी चाहिए?
उत्तरः हां, क्योंकि उपलब्ध टीके (कोविशिल्ड और कोवैक्सीन) विनिमेय (प्रतिपूरक) नहीं हैं। जिसने कोविशिल्ड की पहली खुराक ली है उसे दुसरी खुराक भी उसी की लेनी होगी और जिसने कोवैक्सीन की पहली खुराक ली है वे दुसरी खुराक भी उसी की ही लेगें। ऐसा नहीं हो सकता कि पहली खुराक कोविशिल्ड की और दुसरी खुराक कोवैक्सीन की ले।


प्रश्नः09, टीकाकरण के बाद शरीर में कब तक कोरोना के खिलाफ प्रतिरक्षा (एंटीबॉडी) बनी रहती है?
उत्तरः अभी इस पर दुनिया भर के वैज्ञानिक अध्ययन कर रहे है। चूंकि वायरस नया है और अपने आपको यह परिवर्तित भी कर रहा है, अब तक यह सामने आया है कि टीकाकरण (दोनों खुराक) होने के बाद शरीर में 6 माह से 1 साल तक प्रतिरोधक क्षमता बनी रहती है।


प्रश्नः10, क्या ये टीके बच्चों को भी दिए जा सकते हैं?
उत्तरः वर्तमान में दोनों टीके 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों में उपयोग के लिए स्वीकृत हैं। बच्चों के परीक्षण चल रहे हैं और निकट भविष्य में बच्चों के लिए भी टीका उपलब्ध हो जाएंगे। लेकिन आपको अपने बच्चों को शेड्यूल के अनुसार अन्य बीमारियों के लिए टीकाकरण करवाना चाहिए। इनमें से कुछ टीके जैसे एमएमआर और फ्लू के टीके कोरोना के खिलाफ भी कुछ सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं। इसी तरह गर्भवती महिलाओं के लिए टीके वर्तमान में उपयोग के लिए अनुमोदित नहीं हैं।

कोरोना लक्षण और उपचार से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्नः01, कोविद संक्रमण के लक्षण क्या हैं?
उत्तरः अगर आपको खांसी, जुकाम, बुखार, गले में खराश, बदन दर्द और सांस लेने में कठिनाई हो रही है तो आपको कोरोना संक्रमण हो सकता है। साथ ही साथ दस्त,उल्टी, और स्वादहीनता भी इसके लक्षणों में शामिल है।


• यदि इनमें से कोई भी लक्षण मौजूद हैं तो आपको खुद को कोरोना की आरटीपीसीआर जांच करवाना चाहिए।


• इसके अलावा यदि आपके पास कोई परिवार का सदस्य है जो कोरोना संक्रमित है तो आपको संपर्क के 5 वें दिन कोरोना परीक्षण करवाना चाहिए।


प्रश्नः02, अगर मेरी कोरोना जाँच पॉजिटिव है तो मुझे अपना सीटी स्कैन चेस्ट कब करवाना चाहिए?
उत्तरः सीटी स्कैन केवल डॉक्टर के सलाह पर ही किया जाना चाहिए, यह लक्षणों की शुरुआत के
5 वें दिन से पहले कभी भी नहीं किया जाना चाहिए।


प्रश्नः03, अगर मैं कोरोना पॉजिटिव हूँ तो क्या मेरा घर पर इलाज किया जा सकता है?
उत्तरः हाँ, अधिकांश कोरोना पॉजिटिव रोगी एसिमटोमेटिक (बिना लक्षण) वाले होते हैं या हल्के लक्षण होते है। उनका घर पर ही कोरोना के ईलाज के लिए बने दिशानिर्देशों के अनुसार दूसरे सद्स्यों से अलग रख कर ईलाज किया जाता है। जब तक कि मरीज को बीमारी के गम्भीर (सांस फूलना, ऑक्सीजन लेवल में कमी, बुखार का बना रहना) लक्षण न दिखाई दे।


प्रश्नः04, मुझे कब अस्पताल में भर्ती होना चाहिए?
उत्तरः यदि आप में उपरोक्त गंभीर लक्षणों में से कोई भी लक्षण हैं, या 6 मिनट चलने के बाद SPO2 94% या उससे नीचे गिरता है तो या आप 60 वर्ष से अधिक हैं और दुसरी गम्भीर बीमारी है तो इस स्थिति में तो आपको उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता है.

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इंदौर


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