नहीं रही मशहूर टीवी सीरियल बालिका वधु की दादी सा,3 बार जीता राष्ट्रीय पुरस्कार

शुक्रवार की सुबह कार्डिएक अरेस्ट से सुरेखा का मुंबई में निधन हो गया। वह 75 साल की थीं। मशहूर टीवी सीरियल बालिका वधू की दादी सा’ बनकर घर-घर मशहूर हुईं सुरेखा सीकरी के निधन की खबर आते ही फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में शोक की लहर छा गई।

शुक्रवार को भारतीय सिनेमा की वेटरन अभिनेत्री सुरेखा सीकरी ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। सुरेखा सीकरी के निधन से फ़िल्म इंडस्ट्री को गहरा सदमा पहुंचा है। तमाम सेलेब्रिटीज़ उन्हें याद करके श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

सुरेखा सीकरी ने हेमंत रेगे से शादी की थी। उनके एक बेटा राहुल सीकरी हैं, जो कि मुंबई में एक आर्टिस्ट के तौर पर काम करते हैं। अक्टूबर 2009 में हेमंत रेगे का निधन हो गया। कम लोगों को पता होगा कि सुरेखा सीकरी और नसीरुद्दीन शाह रिश्तेदार रह चुके हैं। दरअसल सुरेखा की बहन मनारा सीकरी, नसीरुद्दीन शाह की पहली पत्नी थीं। मनारा को परवीन मुराद के नाम से जाना जाता है। वह अब इस दुनिया में नहीं हैं। मनारा और नसीरुद्दीन की एक बेटी हीबा शाह हुईं। हीबा भी एक अभिनेत्री हैं।

मनोज बाजपेयी और करिश्मा कपूर के करियर की शानदार फ़िल्म ज़ुबैदा में सुरेखा सीकरी ने अहम किरदार निभाया था।

सुरेखा सीकरी भारतीय थिएटर, फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री का जाना-पहचाना नाम थीं। 1978 राजनीतिक ड्रामा ‘किस्सा कुर्सी का’ में वे पहली बार नजर आईं थीं। उनकी मुख्य फिल्मों में ‘किस्सा कुर्सी का’, ‘तमस’, ‘सलीम लंगड़े पे मत रो’, ‘मम्मो’, ‘सरदारी बेगम’, ‘सरफरोश’, ‘जुबैदा’, ‘बधाई हो’ और ‘घोस्ट स्टोरीज’ हैं। सुरेखा ने ‘बालिका वधू’ के अलावा सीरियल ‘एक था राजा एक थी रानी’, ‘सात फेरे’, ‘बनेगी अपनी बात’ और ‘सीआईडी’ में भी काम किया। 

उम्दा अभिनय की वजह से सुरेखा सीकरी को 3 बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। ‘तमस’ (1988), ‘मम्मो’ (1995) और ‘बधाई हो’ (2018) के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। ‘बधाई हो’ से सुरेखा को काफी फेम मिला। 

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इंदौर