इंदौर में लॉकडाउन के पश्‍चात कोर्ट खुलने के बाद हुई पहली आजीवन कारावास की सजा, गोली मारकर हत्या करने वाले 5 को भेजा जेल

इंदौर। कोरोना संक्रमण के चलते इंदौर में हुए लॉकडाउन के पश्‍चात कोर्ट खुलने के बाद गुरुवार को पहली आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। 20वें अपर सत्र न्‍यायाधीश आर.आर. चौबे की न्‍यायालय द्वारा गोली मारकर हत्या के एक केस में 5 आरोपियों को उक्त सजा सुनाकर जेल भेज दिया।


जिला अभियोजन अधिकारी मो. अकरम शेख द्वारा बताया गया कि निर्णय पारित करते हुए कोर्ट ने अभियुक्‍तगण (1) बाबर खान (2) इमरान मकसूद (3) असलम खान (4) आसिफ खान (5) युनुस खान को धारा 302/149 भा‍दवि में सश्रम आजीवन कारावास व 2000-2000 रूपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की राशि अदा न किए जाने पर 3-3 माह के अतिरिक्‍त कारावास भुगताये जाने का भी आदेश किया गया। प्रकरण में पैरवी अति. जिला अभियोजन अधिकारी लतिका अलावा द्वारा की गई।


छह साल पहले की घटना

अभियोजन की कहानी इस प्रकार है कि फरियादी अथर बेग ने रिपोर्ट की थी कि वह बाम्‍बे बाजार में अपने परिवार के साथ निवास करता है। दिनाक 22.11.2014 शाम 6.15 बजे वह अपने साथी गुलरेज खान तथा खाला के लड़के शहनवाज खान और अपने साला जावेद अहमद खान के साथ खाला रजिया खान के घर नायता मुडला गया था।

फिर हम चारों लोग ‘दो मोटरसाईकिल से आजादनगर आये। उसके साले जावेद खान को किसी से पैसे लेना था थोड़ी देर बाद जावेद ने उस व्यक्ति से पैसे ले लिये थे। फिर हम चारों लोग हक मस्जिद के सामने चाय की दुकान पर चाय पीकर बाइक से जाने लगे।

जावेद उसकी गाड़ी के पीछे बैठा था. इतने में अन्य मोटर साईकिल से आरोपी आए और जावेद पर फायर किया जो उसके सीने में लगा और वह मुंह के बल जमीन पर गिर गया। अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

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