Sep 23 2019 /
10:23 AM

इंदौर की जेल में कैदी की मौत मामले में पूर्व जेल अधीक्षक मिश्रा पर हत्या की धारा में आरोप तय

इंदौर। इंदौर की जेल में लगभग 12 साल पहले कैदी पप्पू उर्फ बाबूलाल की मौत के मामले में पूर्व जेल अधीक्षक लालजी मिश्रा पर मंगलवार को कोर्ट द्वारा हत्या की धारा में आरोप तय कर दिए गए।

पच्चीसवें अपर सत्र न्यायाधीश प्राणेश कुमार प्राण को कोर्ट ने तत्कालीन जेल अधीक्षक सेंट्रल जेल लालजी मिश्रा पर जेल में बंद कैदी पप्पू उर्फ बाबूलाल की हत्या के प्रकरण में आईपीसी की धारा 302 के तहत आरोप विरचित किये।

प्रकरण में विशेष लोक अभियोजक शिवशंकर दशोरे ने बताया कि केस में ट्रायल प्रोग्राम पेश किए जाने हेतु आगामी चार सितंबर नियत की गई है।

यह था मामला

प्रकरण के संक्षिप्त तथ्य इस प्रकार है कि लगभग 12 साल पहले 25 फरवरी 2007 को सेंट्रल जेल इंदौर में कैदी पप्पू उर्फ बाबूलाल के साथ मारपीट की गई थी, उसकी इलाज के दौरान सात मार्च 2007 को मौत हो गई। आरोप था कि तत्कालीन सेंट्रल जेल अधीक्षक लालजी मिश्रा व जेल के अन्य कर्मचारीगण व कैदियों द्वारा पाइप आदि से सिर में चोट पहुंचाई गई थी

जिसके कारण उसकी मृत्यु हो गई थी।उस पर से मृतक पप्पू उर्फ बाबूलाल की पत्नि ग्यारसीबाई की ओर से संबंधित न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष निजी परिवाद पेश की गई थी। उक्त परिवाद पर से लालजी मिश्रा के खिलाफ धारा 302 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया जाकर उक्त प्रकरण कमिटल पश्चात विचारण हेतु पच्चीसवें अपर सत्र न्यायाधीश प्राणेश कुमार प्राण के न्यायालय में भेजा गया।

यहां पर आज आरोपी लालजी मिश्रा के खिलाफ आरोप विरचित किये जाकर ट्रायल प्रोग्राम के लिए आगामी 4 सितंबर तय की गई। प्रकरण में मृतक पप्पू की पत्नी ग्यारसी बाई की ओर से विशेष लोक अभियोजक शिव शंकर दशोरे पैरवी कर रहे हैं।

Spread the love

इंदौर