Jun 26 2019 /
7:19 AM

इंदौर के युवक की 21 लाख की लूट के लिए अपहरण व हत्या के आरोपी दोषमुक्त

  • DNA रिपोर्ट में बरामद लाश ही युवक की होना नहीं पाई गई थी, धारा 411 में दो को 3-3 साल की सजा

इंदौर। इंदौर के चर्चित 21 लाख रुपए की लूट के लिए युवक की अपहरण व हत्या के मामले में गुरुवार को कोर्ट ने सभी 5 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।अपर सत्र न्यायाधीश केशवमणि सिंहल की कोर्ट द्वारा इनमे से दो आरोपी अर्जुन व कालू को धारा 411 ipc (चोरी का माल रखने) में तीन तीन साल की सज़ा सुनाई गई। इसमे शेष तीन आरोपी सत्तार, इमरान व जाकिर निवासी धामनोद थे। उक्त जानकारी देते हुए आरोपियों के एडवोकेट महेंद्र मौर्य ने बताया कि इस केस में जो लाश पुलिस ने बरामद होने बताई थी वही मृतक की नहीं निकली थी। डीएनए रिपोर्ट में वह लाश किसी 38 वर्षीय व्यक्ति की होना पाई गई थी जबकि उक्त युवक जिसकी हत्या का केस चल रहा था, वह लगभग 18 साल का था। उन्होंने बताया कि आज फैसला सुनाया जाए के दौरान केवल एक आरोपी जाकिर कोर्ट में उपस्थित हुआ जबकि शेष चार आरोपी जेल में थे, जिनकी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हुई। एडवोकेट मौर्य ने बताया कि प्रकरण की ट्रायल के दौरान मृतक का पोस्टमॉर्टम करने वाले नासिक के शासकीय अस्पताल के चिकित्सक ने भी कोर्ट में दिए बयान में कहा था कि उन्होंने जिस अज्ञात व्यक्ति के शव का पोस्टमॉर्टम किया था, उसकी उम्र लगभग 38 साल थी।

ये है मामला

लगभग छह साल पहले 25 जून 2012 को इंदौर के पार्श्वनाथ नगर में रहने वाला 18 वर्षीय युवज लापता हो गया था। उसके दूसरे दिन 26 जून को ब्यूटी पार्लर संचालित करने वाली उसकी मां ने थाना अन्नपूर्णा में रिपोर्ट लिखाई थी कि 25 जून को वह बहन के घर गई थीं और वापस आईं तो उनका बेटा सुधीर गायब था। युवक की मां ने यह भी कहा कि उनके घर में रखा बैग भी गायब था, जिसमें 21 लाख रुपए नकद और दो लाख रुपए की कीमत के सोने के गहने थे। बाद में धामनोद और महेश्वर क्षेत्र के रहने वाले अर्जुन, कालू, सत्तार, इमरान, जाकिर से कुछ रुपए धामनोद में पुलिस ने जब्त किए। पुलिस कहानी में बताया गया था कि वे सुधीर को नासिक ले गए, रुपए लूटे और हत्या कर लाश वहीं नदी किनारे फेंक दी। इस पर इंदौर पुलिस ने पांचों को युवक की हत्या, लूट व अपहरण के मामले में प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया था।

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