ड्रग ट्रायल मामले में 7 डाक्टरों को हाई कोर्ट से राहत

तेज कुमार सेन।

मेडिकल काउंसिल द्वारा की गई कार्रवाई को सही नहीं माना तीन माह के लिए रजिस्ट्रेशन कर दिए थे निलंबित

इंदौर। ड्रग ट्रायल को लेकर शहर के सात डाक्टरों को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। जस्टिस एससी शर्मा की बेंच ने बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान इनकी याचिकाएं स्वीकार कर तीन माह के लिए इनके रजिस्ट्रेशन निलंबित की जाने की मेडिकल काउंसिल की कार्रवाई को सही नहीं मानते हुए निरस्त कर दिया। जिन डाक्टरों की याचिकाएं आज स्वीकार हुई इनमें डा. पाली रस्तोगी, डा. उज्जवल सरदेसाई, डा. अभय पालीवाल, डा. वीएस पाल, डा. अनिल बुर्रानी, डा. आशीष पटेल व डा. हेमंत जैन है। इनमें पहले चार डाक्टरों की ओर से सीनियर एडवोकेट सुनील जैन द्वारा पैरवी की गई।

एक अन्य डा. रामगुलाम राजदान की याचिका भी इसी मसले पर लगी है लेकिन वह आज सुनवाई पर नहीं थी। मामला इस प्रकार है कि वर्ष 2008 से 10 के मध्य कुछ डाक्टरों द्वारा ड्रग ट्रायल
किया गया था। इसकी शिकायत ड्रग कंट्रोलर द्वारा की गई थी। इस जांच में कुछ गंभीर नहीं पाया गया था केवल कुछ अनियमितता पाए जाने पर चेतावनी देकर शिकायत समाप्त कर दी गई थी। संसद में भी इसे लेकर तारांकित प्रश्र उठाए गए लेकिन सरकार की ओर से पेश जवाब में कहा गया कि इसमें कोई गंभीर तथ्य सामने नहीं आए है।

मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया द्वारा भी इन डाक्टरों को इस संबंध में नोटिस दिए गए थे। इस पर वर्ष 2013 में ही इन डाक्टरों द्वारा अपने जवाब में दस्तावेजों सहित यह बता दिया गया कि समूची प्रक्रिया का पालन कर इनके द्वारा ड्रग ट्रायल किया गया है। इसमें कुछ भी गलत नहीं था। इसके चार साल पश्चात जुलाई 2017 में मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया ने राज्य की मेडिकल काउंसिल को निर्देश दिए कि इसी मामले में इन डाक्टरों के रजिस्ट्रेशन तीन माह के लिए निलंबित कर दिए जाएं। इस दौरान वे प्रेक्टिस नहीं करेंगे। इस निर्णय को इन डाक्टरों द्वारा हाई कोर्ट में चुनौती दी गइ्र्र थी।

प्रारंभिक सुनवाई में ही इस आदेश पर स्टे हो गया था। आज उक्तसात याचिकाओं पर हुई अंतिम सुनवाई के दौरान डाक्टरों की ओर से तर्क में कहा गया कि नियमानुसार छह माह में किसी भी जांच पर कार्रवाई की जाना चाहिए लेकिन चार साल बाद उक्त आदेश हुए। इसमें डाक्टरों को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी नहीं दिया गया। जो आरोप लगाए गए वे भी सत्य नहीं है।

इन तर्कों को मान्य करते हुए कोर्ट ने डाक्टरों की याचिकाएं स्वीकार कर मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया द्वारा इनके तीन माह के रजिस्ट्रेशन निलंबित किए जाने के आदेश को निरस्त कर दिया।।

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