7 नवम्बर तक सरकार नही बनी तो क्या महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लग सकता हैं?

मुंबई। 7 नवम्बर तक सरकार का गठन नहीं होने पर क्या महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू होगा? यह सवाल यहाँ सरकार बनने में गतिरोध के समाप्त नही होने पर उठने लगा है।

दरअसल महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव के नतीजे आने के आठ दिनों बाद भी सरकार गठन को लेकर चल रहा गतिरोध बरकरार है जिसके चलते यह बात उठने लगी है। इस बीच कांग्रेस के राज्य के वरिष्ठ नेता पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी के साथ दिल्ली में मंथन कर रहे हैं। कांग्रेस ने भाजपा पर शिवसेना को धोखा देने का आरोप भी लगाया है तो वहीं भाजपा नेता सुधीर मुनगंतीवार ने कहा है कि अगर राज्य में सात नवंबर तक नयी सरकार नहीं बनती है तो यहां राष्ट्रपति शासन लागू हो सकता है।
महाराष्ट्र में राजनीतिक गतिरोध के बीच दिल्ली में सोनिया गांधी के आवास पर महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बैठक हुई। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वी राज चव्हाण, अशोक चव्हाण, प्रदेश अध्यक्ष बालासाहेब थोराट और वरिष्ठ नेता माणिक राव ठाकरे एवं विजय वडतीवार शामिल थे।

सूत्रों का कहना है कि इन नेताओं ने सोनिया गांधी के साथ भाजपा और शिवसेना के बीच गतिरोध की पृष्ठभूमि में कांग्रेस की आगे की रणनीति पर चर्चा की। उल्लेखनीय हैं कि भाजपा व शिवसेना के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर सहमति नही बन पा रही है। शिवसेना ढाई ढाई साल भाजपा व शिवसेना का मुख्यमंत्री रहने की बात पर अड़ी है जबकि भाजपा इस पर सहमत नही है।

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