हरिद्वार स्थित खासगी ट्रस्ट की कुशावर्त घाट सहित अन्य सभी लोक संपत्ति आम जनता को उपलब्ध कराई जाए, इंदौर हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला, कोर्ट ने कमेटी भी बनाई


इंदौर। इंदौर सहित पूरे देशभर में फैली खासगी ट्रस्ट की संपत्ति को लेकर इंदौर हाई कोर्ट ने 118 पेज का महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।
प्रशासनिक न्यायाधिपति एस.सी. शर्मा एवं न्यायाधिपति शैलेन्द्र शुक्ला की युगलपीठ द्वारा डब्ल्यू.ए. नम्बर 92/2014 (मध्यप्रदेश शासन एवं अन्य विरूद्ध खासगी देवी अहिल्या बाई होलकर चेरीटिस ट्रस्ट एवं अन्य), डब्ल्यू.ए. नम्बर 135/2014 (मध्यप्रदेश शासन एवं अन्य विरूद्ध) खासगी (देवी अहिल्या बाई होलकर चेरीटिस ट्रस्ट) इंदौर एवं अन्य तथा डब्ल्यू.पी. नम्बर 11234/2020 (विपिन धानायलकार विरूद्ध मध्यप्रदेश शासन एवं अन्य) में खासगी ट्रस्ट की भूमि संबंधी विवाद के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय पारित किया गया। शासन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पी.के. सक्सेना ने पैरवी की।
प्रकरण में इंटरवेनर एप्लिकेशन विजय पाल सिंह के द्वारा अधिवक्ता समीर सक्सेना आशीष जोशी एवं उपेंद्र उज्जवल फणसे के माघ्यम से दायर की गई थी।

कोर्ट ने कहा कि खासगी ट्रस्ट की संपूर्ण भारत में स्थित संपत्तियों पर निर्माण या अतिक्रमण कर उसके स्वरूप को परिवर्तित किया गया हो या उसे बिगाड़ा गया हो तो उसे पुनः उसके मूल स्वरूप में स्वरूप में मध्यप्रदेश शासन अपने व्यय पर लेकर आए इसके साथ ही कोर्ट ने जिला दंडाधिकारी हरिद्वार को संभाग आयुक्त इंदौर के अधीन करते हुए यह निर्देशित किया गया है कि वह यह सुनिश्चित करें कि हरिद्वार स्थित खासगी ट्रस्ट की संपत्ति कुशावर्त घाट और अन्य सभी खासगी ट्रस्ट की लोक संपत्ति आम जनता को उपलब्ध कराई जाए। यह निर्देश ना सिर्फ हरिद्वार की बल्कि संपूर्ण भारत वर्ष में स्थित खासगी संपत्तियों को लेकर दिया गया।

यह भी कहा गया है कि मध्यप्रदेश शासन यह सुनिश्चित करें कि खासगी ट्रस्ट की कोई भी संपत्तियों को पुनः विक्रय ना किया जावे और सभी कुएं बावड़ी घाट मंदिर धर्मशाला एव धरोहर की समस्त ट्रस्ट संपत्तियो को आने वाले पीढ़ियों के लिए इन संपत्तियों ऐतिहासिक महत्व देखते हुए पुनः ऐतिहासिक स्वरूप में संरक्षित किया जा सके।


फैसले में यह बात भी स्पष्ट रूप से कहीं गई कि खासगी ट्रस्ट की संपत्ति को इंदौर कलेक्टर एवं रजिस्टर पब्लिक ट्रस्ट द्वारा मध्यप्रदेश शासन की संपत्ति में विविध करने हेतु वैधानिक कदम उठा सकती है।

न्यायालय द्वारा एक कमेटी का गठन किया गया है खासगी संपत्तियों को संरक्षित एवं संधारित रखने का कार्य करेगी और कमेटी खासगी ट्रस्ट के द्वारा विक्रय की गई संपत्तियों पर पुनः अपना स्वामित्व और आधिपत्य लेने हेतु आवश्यक कदम उठाएगी

कमेटी में चीफ सेक्रेट्री मध्य प्रदेश शासन {चेयरमेन}, प्रिंसिपल सेक्रेट्री वित्तीय विभाग मध्यप्रदेश शासन सदस्य, कमिश्नर इंदौर डिविजन और कलेक्टर इंदौर रहेंगे।


अधिवक्ता आशीष जोशी उज्ज्वल फणसे ने बताया कि न्यायालय द्वारा साथ साथ यह भी निर्देशित किया गया कि आर्थिक अपराध ब्यूरो समस्त ट्रस्ट की संपत्तियों की अनियमितताओं की जांच कर विधि अनुसार प्रकरण में कार्यवाही करें।

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