इंदौर में अब पुलिस अधिकारी और वकील बनकर ठगी, केस रजिस्टर होने अथवा न्यायालय से नोटिस जारी होने का भय दिखाकर ऐंठ रहे हैं रुपये, इंदौर पुलिस ने किया आगाह


इंदौर। इंदौर में अब पुलिस अधिकारी और वकील बनकर ठगी किए जाने के मामले सामने आए हैं। केस रजिस्टर होने अथवा न्यायालय से नोटिस जारी होने का भय दिखाकर ठगों द्वारा लोगो से रुपए ऐंठे जा रहे हैं। इंदौर पुलिस ने ऐसे मामलों में नही उलझने के लिए लोगो को आगाह किया है।
इंदौर की क्राईम ब्रांच व इंदौर पुलिस द्वारा लगातार मीडिया जगत के माध्यम से लोगों को ऑनलाईन ठगी से बचने के लिये जागरूक किया जा रहा है।

प्रिंट/इलेक्ट्रानिक मीडिया के अलावा सेमीनारों के आयोजन करने के साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से आमजन को सायबर अपराधों तथा ऑनलाईन ठगी से बचाने के लिये इंदौर पुलिस ने मुहिम छेड़ रखी है परन्तु आये दिन, ठगी करने वाले बदमाश नई नई तरकीबों के प्रयोजन से लोगों को ऑनलाईन ठगी का शिकार बना रहे हैं। इंदौर पुलिस द्वारा जारी अधिकृत जानकारी के मुताबिक ऐसी ही शिकायतें क्राईम ब्रांच इंदौर को समक्ष में उपस्थित होकर तथा सिटीजन कॉप एप्प के माध्यम से प्राप्त हुई है जिनमें ठगों ने इस बार ठगने का एक नया तरीका ईजाद किया है। ठगों ने पुलिस अधिकारी तथा वकील बनकर शहर के लोगों को निशाना बनाया है।

प्राप्त शिकायतों का विवरण इस प्रकार है –

  1. आवेदक को दिल्ली से ईमेल के माध्यम से REF NO ARB LA APR 19125 के परिपेक्ष्य में नोटिस जारी किया जिसमें लिखा गया कि आवेदक द्वारा क्रेडिट कार्ड का पेमेण्ट नहीं किया गया था जिसके लिये बैंक द्वारा न्यायालय की शरण ली गई है। अतः बैंक के behalf पर उनका पक्षधर होने के नाते आवेदक को कथित वकील द्वारा मोबाईल फोन से कॉल मैसेज कर, डरा धमकाकर 12 हजार रूपये प्राप्त कर लिये गये जबकि उनका किसी भी प्रकार को क्रेडिट कार्ड संबंधी लेन देन शेष नही था ना ही बैंक ने उसे ऐसा कोई नोटिस जारी किया था। इसके बाबजूद उपरोक्त ठग स्वयं को वकील बताते हुय प्रकरण सेटलमेण्ट कराने के नाम पर रूपयों की मांग कर रहा है तथा आवेदक को लगातार ईमेल के जरिये मैसेज भेजकर डरा धमका रहा है कि पैसे जमा ना कराने पर वह पुलिस भेजकर गिरफ्तार करा लेगा जिसमें मोबाईल फोन के उपयोगकर्ता ठग द्वारा स्वयं को पुलिस का निरीक्षक बताते हुये आवेदक को पैसा जमा कराने के लिये डराया गया।
  2. एक अन्य आवेदक को व्हाट्सऐप व ईमेल पर किसी अज्ञात ठग द्वारा स्वयं को मुंबई पुलिस का बताते हुये डराया कि उसके विरूद्ध मुबंई थाने में अपराध क्रमांक 146/20 धारा 420, 405 भादवि के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया जिसकी विवेचना हेतु एफआईआर व डायरी वह आवेदक के रहवासी क्षेत्र के थाने में भेज रहा है। फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर ठग ने आवेदक को यह बताया कि इसी तरह का मामला पंजीबद्ध हुआ जिसमें लोन की शर्तों की उल्लंघन करना पाया गया जिसकी सजा 06 माह कारावास व 30 हजार रूपये आर्थिक दण्ड है अतः आवेदक यदि उपरोक्त न्यायालयीन कार्यवाही व सजा से बचना है तो प्रकरण को निपटाने हेतु 20 हजार रूपये लीगल एडवाईजर आकाश सिंग्ला को जमा कराईये। ऐसा ना करने पर पैन कार्ड ब्लॉक तथा क्रेडिट स्कोर अवरूद्ध किया जायेगा तथा स्थानीय पुलिस को भेजकर आवेदक को गिरफ्तार करा लिया जायेगा। इंदौर पुलिस के मुताबिक ठगों द्वारा मो न. 9768672750, 9718947151 तथा 7617448545 का उपयोग किया जा रहा है। पुलिस ने आगाह किया है कि इन नंबरों से कॉल या मेसेज आने पर सावधान रहें । उक्त प्रकार से धोखाधड़ी होने पर इंदौर पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 7049124444, 7049124445 पर संपर्क करे।

-देखें पुलिस की एडवाइजरी

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