इंदौर में किसी को बैंक से लोन व कस्टम के सस्ते मोबाइल तो किसी को फ्रेंचाइजी के नाम पर लाखों ठग लिए, शातिर ठग क्राइम ब्रांच ने पकड़ा

इंदौर। क्राइम ब्रांच ने एक शातिर ठग को पकड़ा है। उसने किसी को बैंक से लोन व कस्टम के सस्ते मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स तो किसी को लैपटॉप और मोबाइल की फ्रेंचाइजी के नाम पर लाखों ठग लिए।

आरोपी ने मप्र ही नही, प्रदेश के बाहर के लोगों को भी अपना शिकार बनाया।
पकड़े गएआरोपी का नाम हितेश बगोरा पिता कोमल लाल बगोरा निवासी ब्रहृमबाग कॉलोनी मरीमाता इंदौर, मूल निवासी खण्डवा म0प्र0 है।

उसके विरुद्ध देवेन्द्र जैन निवासी 60 बी लक्ष्मीपुरी कॉलोनी किला मैदा के पास इंदौर द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी कि हितेश बगोरा नामक व्यक्ति जो कि मरई माता चौराहे के पास ब्रहमपुरी इंदौर में रहता है उससे 02 वर्ष पूर्व जान पहचान हुई थी। आवेदक को मकान बनाने के लिये लोन की आवश्यकता थी अतः हितेष ने उसे सस्ती ब्याज दरो में लोन दिलाने का वादा किया तथा विभिन्न शुल्कों के नाम पर पैसे मांगना शुरू कर दिये। हितेश ने प्रलोभन देते हुये आवेदक देवेन्द्र जैन से कुल 17 लाख रूपये अलग अलग किस्तों में ठग लिये तथा ना लोन दिलाया ना ही उसके पैसे लौटाये।

हितेश के विरूद्ध इसी प्रकार की अन्य शिकायतें ठगी संबंधी क्राईम ब्रांच इंदौर को प्राप्त हुईं थी जिसमें लखनऊ के रहने वाले विवेक चौधरी को कस्टम के मोबाईल सस्ती कीमतों में दुकान के व्यापार हेतु उपलब्ध कराने का झांसा देकर हितेश ने उसने वर्ष 2018 में 08 लाख रूपये एडवांस प्राप्त कर लिये थे जिसके बाद ना उसके पैसे लौटाये ना ही किसी प्रकार के माल की डिलीवरी कराई। खण्डवा रोड पर रहने वाले अनुज जायसवाल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि हितेश बगोरा नामक व्यक्ति ने आधी कीमतों में एप्पल कंपनी का फोन उपलब्ध कराने के नाम पर झांसे में लिया तथा दो किस्तों 41 हजार रूपये ले लिये बाद ना मोबाईल दिया और ना ही पैसे लौटाये।

इसी प्रकार आवेदक अभिषेक खण्डेलवाल निवासी मानवता नगर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि हितेश बगोरा नामक युवक उसके साथ स्कूल में पढ़ता था जिससे उसकी जान पहचान थी। हितेश ने आवेदक को प्रलोभन दिया कि उसकी विटकाईन ऑफ रोबोटिक ट्रेडिंग कंपनी मुंबई में है जिसके जरिये वह समस्त प्रकार के ईलेक्ट्रीकल तथा इलेक्ट्रानिक उत्पादों की डील करता है चूॅकि आवेदक खण्डेलवाल की फर्म दर्श इन्टरप्राईजेस के लिये कुछ इलेक्ट्रॉनिक आयटम की आ वश्यकता थी अतः हितेश ने डेल कंपनी का 76 हजार का लैपटाप 32 हजार में, प्रिंटर 5500 रू में व सोनी की एलईडी टीवी 5500 रू में उपलब्ध कराने का झांसा दिया तथा आवेदक खण्डेलवाल से किस्तों में लगभग 42000 रू जमा करा लिये।

ऐसे ही आवेदिका राजकुमारी सोनी द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी कि उन्हें मोबाईल लैपटॉप की फ्रेचांईज दिलाने के नाम पर हितेश बगोरा ने 81200 रूपये ठग लिये, आवेदक धर्मवीर रघुवंषी द्वारा शिकायत की गई कि हितेष से जान पहचान होने के नाते उसको 06 लाख 15 हजार का सामान एक दुकान से उधार दिलवाया था जिसके पैसे हितेश ने नहीं भरे अतः आवेदक की गांरटी होने पर उसे पैसों का भुगतान करना पड़ा लेकिन हितेश वर्षों से गुमराह कर रहा है तथा धमका रहा है लेकिन पैसे नहीं लौटा रहा है।

उपरोक्त समस्त शिकायतों की जांच करते हुये क्राईम ब्रांच की टीम ने यह पाया कि हितेश बगोरा उक्त तमाम प्रलोभन के नाम पर लोगों से मोटी रकम वसूल कर उनके साथ ठगी की है।

इसने अपने झांसे में कई लोगों को फंसाकर अब तक करोड़ों रूपये ठगे है जिनमें से आधा दर्जन षिकायतें क्राईम ब्रांच को प्राप्त हो चुकी हैं। की तलाश करते हुये उसे मरी माता इंदौर से गिरफ्तार किया गया जिसके विरूद्ध थाना अपराध शाखा जिला इंदौर में धारा 406, 420, 467, 468 भादवि के तहत पंजीबद्ध किया जाकर विवेचना में लिया गया है।

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