इंदौर में जब वृद्ध इंजीनियर ने किसी भी कीमत पर कोरे कागज पर हस्ताक्षर नहीं किये तो आरोपियों ने उसे मार डाला, करोडों की संपत्ति हथियाना चाहते थे

इंदौर।इंदौर के पाश इलाके पलासिया थाना क्षेत्र में हुई वृद्ध इंजीनियर की हत्या का पर्दाफाश कर आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। आरोपियों ने पूछताछ में कबूला कि जब वृद्ध इंजीनियर ने किसी भी कीमत पर कोरे कागज पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया तो आरोपियों ने उसे मार डाला।

वे उनकी करोडों की संपत्ति हथियाना चाहते थे। थाना पलासिया के मनोरमागंज क्षेत्र में गत 12 अगस्त को वृद्ध इंजीनियर अजय शाह की निर्मम हत्या की गई थी। पुलिस ने घटना के 24 घण्टे के अंदर आरोपी आशीष को गिरफ्तार किया। उसी से पूछताछ के आधार पर फरार आरोपीयों की जानकारी प्राप्त हुई ।

फरार आरोपीयों की गिरफ्तारी के लिये पुलिस महानिरीक्षक इंदौर ज़ोन विवेक शर्मा, पुलिस उपमहानिरीक्षक हरिनारायण चारी मित्र एवं पुलिस अधीक्षक विजय खत्री के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीरसिहं भदौरिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्राईम ब्रांच राजेश दण्डोतिया व नगर पुलिस अधीक्षक संयोगितागंज पूर्ति तिवारी द्वारा थाना प्रभारी पलासिया विनोद कुमार दीक्षित एवं क्राईम ब्रांच इंदौर की पुलिस टीम ने बचे आरोपियों को भी धरदबोचा। आरोपी भय्यू उर्फ विवेक सोनकर व निलेश बौरासी को मंदसौर म.प्र . से दबिश देकर गिरफ्तार किया गया । आरोपी प्रफुल्ल शर्मा को भी गिरफ्तार किया गया ।


यह बताई कहानी

पुलिस द्वारा आज मीडिया को दी गई जानकारी के अनुसार विस्तार से पूछताछ में आरोपी भय्यू उर्फ विवेक सोनकर ने बताया कि वह मृतक अजय शाह के घर पर पिछले 10 वर्षों से आता जाता रहता था।

उसकी दादी भी पूर्व में मृतक के घर पर केयरटेकर का काम करती थी व आरोपी भय्यू उर्फ विवेक भी मृतक अजय व उसकी पत्नि का केयर टेकर के रुप में घरेलू काम भी करता था, इसी वजह से मृतक व उसकी पत्नि को आरोपी भय्यू उर्फ विवेक सोनकर पर विश्वास हो गया था।

लेकिन आरोपी भय्यू उर्फ विवेक सोनकर की निगाह मृतक अजय शाह की कोई संतान नहीं होने से मृतक अजय शाह के घर व अन्य संपत्ति पर कब्जा करने की थी । इसी के तहत वह उक्त कृत्य करने के लिये योजना बनाने लगा ।


घटना के एक वर्ष पूर्व आरोपी भय्यू उर्फ विवेक सोनकर ने मृतक अजय शाह का घर व अन्य संपति फर्जी तरीके से बेचने की योजना बनाई थी तब उसने इसमें अपने साथियों को संलिप्त कर अजय शाह की हत्या कर उसके मकान व प्लाट पर कब्जा कर बेचने की योजना बनाई।

इस संबंध में उसने अपने दोस्त आशीष रामा से चर्चा की तो आशीष ने बताया कि यदि अजय शाह की हत्या हो जाती है तो उनकी पत्नि को डरा धमकाकर मकान व प्लाट के कागज ले लेगे व किसी वकील के माध्यम से संपत्ति को अपने नाम कराकर बेच देंगे लेकिन भय्यू ने इस काम में और लोगों भी शामिल करने का बताया है। इसी योजना के तहत भय्यू ने नीलेश को मदसौर में रहने वाले उसके दोस्त हर्ष को तैयार किया व निलेश ने भी अपने एक दोस्त प्रफुल्ल शर्मा को भी तैयार किया ।


मकान देखने के बहाने गए

योजना के तहत यह तय हुआ कि पहले कोई तीन लोग मकान देखने जायेंगे तथा अजय शाह से किराये की बात करेंगे। इसके तहत घटना के पूर्व रविवार दिनाकं 09.08.2020 को आशीष , भय्यू व हर्ष किराये का मकान देखने गये तथा भय्यू द्वारा घटना में प्रयुक्त किये जाने वाले लोहे के पाईप व हथोडे को ले जाकर मकान के प्रथम तल के आखिरी कमरे में छिपाकर रख आये।

योजना को अंजाम देने के लिये इनके द्वारा यह तय किया गया कि किसी ऐसे दिन घटना को अंजाम दिया जाये जिस दिन लोगों का आना जाना कम हो तथा यह बात भी उन्हे ज्ञात थी कि मृतक के घर काम वाली लड़की शाम 06.00 बजे के बाद आती है । अतः उक्त बात को दृष्टिगत रखते हुये जन्माष्टमी दिनांक 12.08.2020 के शाम 04.00 बजे का समय घटना हेतु तय हुआ ।

योजना के अनुसार भय्यू , निलेश व हर्ष घर के अंदर पहूँचे व आशीष घर के गेट पर निगाह रखने के लिये खडा रहा । हर्ष को आशीष बनाकर मृतक की पत्नि के समक्ष पेश किया गया । मृतक को विश्वास में लेकर निलेश भय्यू व हर्ष उपर कमरे में ले गये तथा उन्हे बंधक बनाकर कोरे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने हेतु मजबूर करने लगे। मृतक द्वारा मना करने पर उनके साथ मारपीट चालू की।

जब मृतक ने किसी भी कीमत पर कोरे कागज पर हस्ताक्षर नहीं किये तो निलेश व हर्ष ने उन्हें पीछे से पकड लिया तथा भय्यू ने पूर्व से छिपाकर रखे लोहे के पाईप से सिर पर वार करना चालू किये तथा निलेश ने लोहे के हथोडे से चौटें पहुँचाई तथा बिस्तर पर पटक दिया किंतु मृतक की सांस चलती रही तो उनको नीचे पटककर बाथरुम में लगे पर्दे की स्पींग से उनका गला घोट दिया।गला घोंटने में आरोपियों द्वारा कमरे में रखी डोरी का भी उपयोग किया गया किंतु वह डोरी टूट कर पलंग पर गिर गई ।

इसके बाद मृतक को कमरे में छोडकर तीनों आरोपी दरवाजा बंदकर नीचे मृतक की पत्नी के पास आये एवं उनसे मकान व प्लाट बेचने की बातें व किराये पर मकान देने की बात कर उनको बातों में उलझाने लगे ।

घटना में निलेश को हाथ में चौट आ गई थी एवं हर्ष वहाँ से चला गया था तब निलेश ने प्रफुल्ल शर्मा को फोन लगाकर बुलाया एवं मृतक की पत्नि को बताया कि यह भी किराये से रहेगा व यह किसी होटल में मैनेजर का काम करता है था उसका नाम भी आशीष शर्मा ही बताया।


इस दौरान घटना दिनांक को काम करने वाली शीतल शाम करीब 05/30 बजे काम करने आ गई तो आरोपी घबरा गये तथा मृतक की पत्नि द्वारा बार बार आरोपियों से मृतक के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि अंकल जी पानी की टंकी में उपर काम कर रहे तो मृतक की पत्नी ने आरोपी भय्यू को फोन दिया कि यह फोन अंकल जी को देकर आये उसके बाद भय्यू उपर गया व मृतक के पास कमरे में फोन रखकर वापस नीचे आ गया ।

अंजलि शाह द्वारा बार बार फोन लगाने पर जब कोई उत्तर नहीं मिला तो उन्होने शीतल को बोला कि तुम ऊपर देखकर आओ तो शीतल जब उपर देखने गई तो आरोपीयाँ ने उसे अंतिम घटना वाला कमरा नहीं देखने दिया गया व बोला कि तीसरी मंजिल पर जाकर देख लो।

जब शीतल तीसरी मंजिल पर पहुंची तो आरोपी भय्यू व निलेश ने उसे कमरे में धक्का दे दिया व तकिये से उसका दम घोंटने लगे आरोपीयों को लगा कि वह मर गई है तो उसे बेहोशी हालत में उपर छोडकर घबराहट में नीचे सीढी पर लागाकर नीचे मृतक के पत्नि के पास आ गये। ओरीपीगण द्वारा शीतल का फोन भी बंद करके स्वयं के पास रख लिया था ताकि मृतक की पत्नि अंजलि शीतल को फोन न लगा सके।

मृतक की पत्नि का शीतल के बारे में पूछने पर उन्होने बताया कि शीतल अपने घर चली गई है, तब शीतल के घरवालों को मृतक की पत्नि द्वारा फोन किया गया तो उसके घरवाले शीतल के घर न पहुंचने के कारण मृतक के घर आ गये व आस पड़ोसियों द्वारा मृतक को लगाये गये फोन की आवाज व शीतल के चिल्लाने की आवाज सुनकर नीचे आ गये तब आरोपियों ने देखा कि लोग इकट्ठा हो रहे हैं तो मृतक के घर पर जो भी दस्तावेज मिले उन्हें लेकर आरोपी वहाँ से भाग गये।

योजना के मुताबिक यह तय हुआ था कि घटना के बाद आशीष इंदौर में ही रहेगा ताकि होने वाली हर गतिविधि पर निगाह रखेगा व आरोपियों को सूचित करता रहेगा एवं शेष आरोपी निलेश की कार क्रं . MP – 09 – HD – 1947 से दिल्ली भय्यू के संबंधियों के यहाँ जायेंगे। इसी योजना के तहत यह लोग दिल्ली भागे जहाँ से पुलिस के पहुँचने की जानकारी मिलने पर मंदसौर आरोपी हर्ष के रिश्तेदार के यहाँ आ गये। बाद पुलिस ने लगातार इनका पीछा कर इनको पकड़ा गया ।


उक्त घटना में मुख्य भूमिका आरोपी भय्यू उर्फ विवेक सोनकर एवं आशीष रामा की थी। आशीष रामा द्वारा मृतक के मकान व प्लाट के कागज तैयार करने व उन्हें बैचने की जिम्मेदारी ली थी तथा घटना के दिन भी सबको इसी तरह समझाया था कि इस मकान व प्लाट को बेचने पर 8-8 लाख रुपये आरोपी हर्ष , प्रफुल्ल व निलेश को दिये जायेंगे तथा आरोपी आशीष व भय्यू उर्फ विवेक को शेष बचे हिस्से में से आधा आधा हिस्सा बांटा जायेगा।

10

Spread the love

इंदौर