Jul 20 2019 /
12:51 PM

इंदौर के 14 भाजपा पार्षदों को अयोग्य घोषित करने की शिकायत वापस,अब राज्य सरकार के पास लगाएंगे आवेदन

इंदौर। इंदौर नगर निगम परिषद की बैठक और सम्मेलन में शरीक नहीं होने पर 14 भाजपा पार्षदों को अयोग्य घोषित करने को लेकर दायर शिकायत याचिकाकर्ता ने वापस ले ली है और अब राज्य सरकार के पास इस मामले को लेकर आवेदन लगाएंगे।

इन पार्षदों को अयोग्य घोषित किए जाने को लेकर कांग्रेस के चिंटू चौकसे की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाई कोर्ट ने तब आदेश दिया था कि संभागायुक्त इस मामले में याचिकाकर्ता का पक्ष सुनकर निर्णय पारित करें।

इस पर चौकसे द्वारा संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। संभागायुक्त ने उन्हें सुनवाई का अधिकार होने की बात कहते हुए सुनवाई शुरू कर पार्षदों को नोटिस जारी किए थे। इस नोटिस को पार्षदों ने नए सिरे से हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। पार्षदों का तर्क था कि संभागायुक्त को इस मामले में हस्तक्षेप करने का अधिकार ही नहीं है। वे परिषद के सम्मेलन और बैठकों में पार्षद शरीक हुए हैं।

निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को इस तरह संभागायुक्त द्वारा अयोग्य घोषित करने की प्रक्रिया नहीं चलाई जा सकती। आज की सुनवाई में चिंटू चौकसे की ओर से एडवोकेट विभोर खंडेलवाल ने कहां गया कि उनके द्वारा इस मामले को लेकर संभागायुक्त के समक्ष दायर शिकायत वापस लेना चाहते हैं और राज्य शासन के समक्ष इस संबंध में आवेदन पेश करेंगे। इस तरह संभागायुक्त के यहां लगी मूल याचिका वापस लिए जाने की बात पर कोर्ट ने इससे संबंधित अन्य सभी याचिका, नोटिस आदि समाप्त कर दी। अब चिंटू चौकसे द्वारा यह मसला राज्य शासन के समक्ष रखा जाएगा।

इस मामले में पार्षदों की ओर से सीनियर एडवोकेट विनय सराफ, एडवोकेट पुष्यमित्र भार्गव, विवेक पटवा द्वारा याचिका लगाई गई थी।

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