इंदौर का एमवाय बनेगा मॉडल अस्पताल ,बंगाली फ्लाईओवर का नाम स्व. माधवराव सिंधिया सेतु होगा – प्रभारी मंत्री नरोत्तम मिश्रा

इंदौर । इंदौर के प्रभारी बनने के बाद पहली बार कोरोना के तीसरी लहर की समीक्षा करने आए प्रभारी मंत्री नरोत्तम मिश्रा यहां की तैयारियों से संतुष्ट नजर आए। उन्होंने कहा, कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने की हमारी पूरी तैयारी है। हमने 10 हजार से ज्यादा बेड की व्यवस्था कर ली है।

बैठक में इंदौर जिले में कोरोना से निपटने के लिये किये जा रहे कार्यों तथा तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए उसके नियंत्रण के लिये की जा रही तैयारियों की बिन्दुवार समीक्षा की।

बैठक में लिये गये महत्वपूर्ण निर्णय
प्रभारी मंत्री डॉ. मिश्र की अध्यक्षता में संपन्न हुई बैठक में आज सर्वसम्मति से महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। बैठक में तय किया गया कि बंगाली चौराहे पर निर्माणाधीन फ्लायओवर का नामकरण पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. माधवराव सिंधिया के नाम पर किया जाएगा। इंदौर के एमवाय अस्पताल को मॉडल अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा। बाणगंगा अस्पताल का विस्तार कर 30 बिस्तरों की क्षमता को बढ़ाकर 100 बिस्तरों का किया जाएगा। इसे लेकर राज्य शासन को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया। शासकीय समितियों का गठन एक महीने में कर लिया जाएगा। कोरोना से मृत हुए सभी शासकीय कर्मियों के पात्र आश्रितों को एक महीने के भीतर अनुकंपा नियुक्ति देने की बात भी कही गई।

बैठक में मंत्री डॉ. मिश्र ने निर्देश दिये कि इंदौर के विभिन्न चौराहों, सार्वजनिक स्थानों, सार्वजनिक भवनों, जिनका विधिवत रूप से नामकरण हुआ है, शासकीय रिकार्ड तथा शासकीय पत्राचार में उनका नामकरण उसी के अनुरूप किया जाये।

3 लाख से अधिक परिवारों को दिया गया राशन
बैठक में बताया गया कि इंदौर जिले में कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन के दौरान 3 लाख नागरिकों को प्रधानमंत्री खाद्यान्न योजना और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के तहत दिया गया। ऐसे में इन परिवारों के 15 लाख से अधिक लोगों को इसका लाभ मिला। इन नागरिकों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अन्तर्गत एक लाख 93 हजार 740 क्विंटल तथा प्रधानमंत्री खाद्यान्न योजना के अन्तर्गत एक लाख 27 हजार 920 क्विंटल खाद्यान्न का वितरण किया गया। ऐसे परिवार जिनके पास अस्थायी पर्ची है, उनसे पात्रता के दस्तावेज लेकर शीघ्र ही पात्रता पर्ची को स्थाई किया जाएगा।
बैठक में कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने बताया कि सभी को राशन मिल रहे हैं, इसके पर्यवेक्षण के लिये आपदा प्रबंधन समिति के सदस्यों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सर्वसुविधायुक्त स्मार्ट इंडस्ट्रीयल टाउनशिप
बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश इंडस्ट्रीयल डेवलपमेंट कार्पोरेशन द्वारा इंदौर तथा पीथमपुर के समीप बेटमा क्षेत्र में सर्वसुविधायुक्त स्मार्ट इंडस्ट्रीयल टाउनशीप बनाई जा रही है। इस योजना के अन्तर्गत देश में पहली बार लैंड पुलिंग प्रक्रिया के तहत भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। इसके तहत ग्रामीणों को 20 प्रतिशत की नगद मुआवजा राशि दी जा रही है तथा 80 प्रतिशत विकसित भूखण्ड संबंधित ग्रामीणों को दिये जाएंगे। यह टाउनशिप सभी मूलभूत सुविधाओं से युक्त है। प्रथम चरण में 956 हेक्टेयर में टाउनशिप का कार्य हो रहा है।

इंदौर में हुए कार्य बेहतर उदाहरण
बैठक में श्री सिलावट ने कहा कि कोरोना से नियंत्रण तथा टीकाकरण के लिये इंदौर में एकजुटता और पूर्ण सामंजस्यता के साथ कार्य किये गये। कोरोना को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया। इंदौर में इस दिशा में किये गये कार्य अन्य जिलों के लिये बेहतर उदाहरण हैं।

तीसरी लहर के मद्देनजर बच्चों और महिलाओं के लिये विशेष व्यवस्था
बैठक में कलेक्टर मनीष सिंह ने कोरोना से निपटने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तीसरी लहर की से निपटने बच्चों और गर्भवती महिलाओं के इलाज के लिए 1500 बेड के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। कोरोना के दूसरे चरण में जहाँ ऑक्सीजनयुक्त और आईसीयू बेड्स की संख्या 7 हजार 650 थी, उसे बढ़ाकर 10 हजार 250 किया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में पहली बार चार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को भी कोविड अस्पताल के रूप में परिवर्तित किया गया है। गर्भवती महिलाओं और बच्चों के कोरोना पॉजिटिव पाये जाने पर उनके लिये चार विशेष मातृ शिशु एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है। कोरोना पॉजिटिव गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के इलाज के लिये डॉक्टर्स एवं नर्स को विशेष रूप से ट्रेनिंग देने की व्यवस्था की गई है। ट्रेनिंग का कार्य प्रारंभ हो गया है। जिले में लगभग 77 प्रतिशत लोगों का टीकाकरण हो चुका है।

इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, पर्यटन मंत्री सुश्री उषा ठाकुर, विधायकगण श्री रमेश मेंदोला, श्री आकाश विजयवर्गीय, श्रीमती मालिनी गौड़, श्री महेंद्र हार्डिया तथा श्री विशाल पटेल, सुश्री कविता पाटीदार, श्री सुदर्शन गुप्ता, श्री जीतू जिराती, श्री गौरव रणदिवे, श्री राजेश सोनकर, श्री मधु वर्मा, राज्य आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य डॉ. निशांत खरे, कलेक्टर श्री मनीष सिंह, आयुक्त नगर निगम सुश्री प्रतिभा पाल, डीआईजी श्री मनीष कपूरिया सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

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