नागमणि व बेशकीमती सिक्कों के नाम पर धोखाधड़ी करने वाला अंतरप्रांतीय बदमाश इंदौर STF की गिरफ्त में, 185 नकली सोने के सिक्के जब्त

इंदौर। नागमणि व बेशकीमती सिक्कों के नाम पर धोखाधड़ी करने वाला अंतरप्रांतीय बदमाश इंदौर STF की गिरफ्त में आया है। उसके पास से 185 नकली सोने के सिक्के जब्त

आरोपी का नाम- रंजीत उर्फ़ रंजिन पिता सरकस पारदी उम्र 30 वर्ष निवासी- बैजनपुर थाना सिवनी मालवा जिला होशंगाबाद है। इसे पुलिस ने ग्राहक बनकर पकड़ा, 2 साथी भाग निकले।

एसपी पद्मविलोचन शुक्ल ने बताया कि आरोपी के साथ उसके छः भाई अरविन्द पारदी, अरकिस पारदी, प्रहलाद पारदी, सरकिल पारदी, अरतिस पारदी व आनन्द पारदी के अलावा पिता सरकस पारदी तथा चाचा चुन्नीलाल, नागदिलाल, निगरू, अर्जुन, अरबेसिंह, रमेश, दादा सारेसिंह के विरुद्ध लगभग 20 प्रकरण मारपीट, लूट, चोरी तथा वन्यप्राणी अधिनियम आदि के पंजीबद्ध है । गिरफ्तार आरोपी के चाचा और संरक्षक अर्जुन पर भी पूर्व में चोरी एवं लूट के अपराध पंजीबद्ध है।


स्थानीय पुलिस इनके गाव में कार्यवाही नहीं कर पाती और घने जंगल व दुर्गम स्थान का लाभ उठाकर वारदात करते एवं भाग जाते है । पूर्व में तमिलनाडू निवासी अरुल पिता संगन नागर उम्र 39 वर्ष ग्राम कोकई थाना आतुर सेलम से तीन मोबाईल फोन और बेग, बीस हजार की लूट रमेश पारदी व आरोपी के परिवार के लोगो ने घटित किया था। इसी प्रकार वर्ष 2012 में किशन नाथूराम यादव निवसी पमानेर से रत्न आदि के नाम से धोखाधड़ी, धमकी देने का अपराध अरवेसिंह (आरोपी का चाचा) एवं अन्य साथी के विरुध्द पंजीबद्ध हो चुका है, एवं इसके अलावा महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश व अन्य राज्यों के लोगो के साथ नागमणि, बेशकीमती रत्न सोने के सिक्के आदि का प्रलोभन देकर धोकाधडी व लूट की वारदात कर चुके है।
अभियुक्तों का अपराध क्षेत्र – इंदौर, टिमरनी, ढेकना, पगदाल, सिवनी मालवा, बेतुल रोड, झिरियाडोह रोड, सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व फारेस्ट, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश का वन क्षेत्र व जंगल की और जाने वाली सुनसान रोड है।


उन्होंने बताया कि इस केस में सह अभियुक्त विजय उर्फ़ छोटू पिता कमल हलवाई नि० झिरियाडोह, गुलाब नि० झिरियाडोह व अन्य है जिनकी तलाश की जा रही हैं।
सराहनीय कार्य करने वाली एस.टी.एफ. टीम में निरीक्षक एम.ए. सैयद, हेड कांस्टेबल श्रीकृष्ण बोर्डे आरक्षक विनोद यादव, विराट यादव, हेमंत वर्मा, विकास भूरिया, आरक्षक चालक देवेन्द्र है।

पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलाकर अंकित बोरकर निवासी न्यू देवास रोड इंदौर के साथ सोने के 75 नकली सिक्के देकर धोखाधडी करना स्वीकार किया।

यह भी जानकारी मिली है कि आरोपी द्वारा जगदीश गुर्जर निवासी राऊ इंदौर और मुकेश वर्मा निवासी जूनी इंदौर को असली सिक्का दिखाकर नकली सोने के सिक्के देने के लिए सिवनी मालवा, टिमरनी बेतुल रोड पर बुलाया गया था।

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