इंदौर में नकली नोट बनाने वाला अंतर्राज्यीय गिरोह पकड़ा, एक आरोपी इटावा दूसरा नागपुर का

इंदौर। इंदौर में नकली नोट बनाने वाला अंतर्राज्यीय गिरोह पकड़ा गया है। यह आधुनिक सायबर तकनीकी का उपयोग कर नकली नोट छाप रहे थे। आरोपियों के कब्जे से 49 हजार रूपयें कीमत के 2000,500,200 एवं 100 रू. के नकली नोट बरामद किये गए हैं। इनमें एक आरोपी इटावा दूसरा नागपुर का है।


थाना पलासिया द्वारा मुखबिर सूचना पर आरोपी सुर्यप्रताप सिंह चौहान निवासी उदी जिला इटावा (उ.प्र.) को लालाराम नगर में नकली नोट उपयोग करते हुये पकड़ा गया। आरोपी को गिरफ्तार कर 22000 रूपयें के नकली नोट जप्त किये। आरोपी ने पूछताछ पर ये नकली नोट दीपक पिता रमेश वानखेड़े निवासी नागपुर से लेना बताया। उक्त जानकारी के आधार पर पुलिस टीम द्वारा नागपुर जाकर आरोपी दीपक को गिरफ्त में लेकर उसके कब्जे से 27000 रूपये के़ नकली नोट, कलर प्रिंटर सहित जप्त किये।

पूछताछ में इन्होंने बताया कि, वे दोनो टेलीग्राम सोशन नटवर्किग साईट पर मिले थे और नकली मोट छापने, खरीदने/बेचने के संबंध में बातचीत कर नागपुर में मिले। पहली खेप में आरोपी सुर्यप्रताप को आरोपी दीपक द्वारा लगभग 22000 रूपयें के नकली नोट चलाने के लिये दिये गये थे, लेकिन वे इसमें सफल हो पाते उसके पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गये।

आरोपी दीपक सायबर एक्सपर्ट है और नेटसर्फिंग में माहिर


आरोपी दीपक डार्कनेट और डिपनेट जैसे सर्च इंजन का उपयोग कर नकली नोट, जंगली जानवरो अंग आदि के व्यापार के संबंध में जानकारी प्राप्त करता था। आरोपी दीपक काल फ्री नामक प्राक्सी सर्वर का उपयोग कर लोगो को काॅल करता था और नकली नोट बेचता था। इस सर्वर के उपयोग से आरोपी की पहचान गोपनीय रहती थी।


आरोपी दीपक ऑनलााईन विदेशी कंपनियों से बोण्ड पेपर नोट छापने के लिये बुलवाता था, साथ ही आरोपी ऐसे नोट छापता था जिनके युनिक नम्बर हो और जिनकी पहचान किया जाना आसान न हो। आरोपी नोट में लगने वाली स्ट्रीप भी आनलाईन आर्डर करके बुलवाता था। इसके साथ ही आरोपी फोरएक्स एवं बिटकाॅईन की खरीदी बिक्री का कार्य भी करता था।

आरोपी के मोबाईल से और भी कई महत्वपुर्ण जानकारियां मिलीं जिसकी तस्दीक की जा रही है। भविष्य में विवेचना के आधार पर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जा सकती है तथा इस प्रकार की वस्तुएं उपलब्ध कराने वाली आनलाईन कंपनियों के विरुद्ध भी कार्यवाही की जावेगी।

उक्त कार्यवाही में एसएसपी रुचिवर्धन मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी पलासिया विनोद दीक्षित, उनि माधव सिंह भदौरिया, उनि वरसिह खडिया, उनि कमल माहेश्वरी, आर. 465 सतीश, आर. देवेन्द्र जादौन की भूमिका रही।

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