इटली ने 53 साल बाद जीता यूरो कप, इंग्लैंड को पटखनी देकर बना चैम्पियन

लंदन के वेम्बली स्टेडियम में खेले गए यूएफा यूरो कप के महामुकाबले में मेजबान इंग्लैंड को पटखनी देकर इटली चैम्पियन बन गया। इंजरी टाइम तक स्कोर 1-1 से बराबर था और फैसला पेनल्टी शूटआउट में हुआ, जहां इटली ने 3-2 से इंग्लैंड को हराकर ट्रोफी पर कब्जा जमा लिया।

इटली की टीम 53 साल बाद यूरो कप ट्रॉफी जीतने में कामयाब हुई है। उसने पिछली बार यह खिताब 1968 में युगोस्लाविया को हराकर जीता था। साथ ही इटली की यह लगातार 34वें मैच में जीत रही।

इटली ने यह अपना छठा मेजर टूर्नामेंट खिताब जीता है। उसने अब तक 4 बार फीफा वर्ल्ड कप के अलावा 2 बार यूरो कप खिताब भी जीता है। यूरोपियों देशों में उससे ज्यादा सिर्फ जर्मनी ही है, जिसने 7 बार मेजर टूर्नामेंट खिताब जीते हैं।

यह इटली का 10वां मेजर टूर्नामेंट फाइनल रहा। टीम ने अब तक 6 बार वर्ल्ड कप और 4 बार यूरो कप का फाइनल खेला है। यूरोपियन देशों में इटली से ज्यादा सिर्फ जर्मनी ने ही 14 मेजर टूर्नामेंट फाइनल खेला है।इंग्लैंड टीम यूरो कप के फाइनल में पहुंचने वाली 13वीं नई टीम रही। अब तक 13 में से सिर्फ 4 टीम ही अपने पहले फाइनल में हारी हैं। बाकी 9 बार नई टीमें ट्रॉफी जीतीं।

इटैलियन टीम 2000 और 2012 यूरो कप के फाइनल में पहुंच चुकी है। 2000 में उसे फ्रांस और 2012 में स्पेन के हाथों हार मिली थी। जर्मनी और USSR ही इटली से ज्यादा बार फाइनल में जाकर हारी हैं। दोनों टीमें 3-3 बार फाइनल हार चुकी हैं।

इटली के लियोनार्डो बनूची ने मैच के 67वें मिनट में गोल किया। इसी के साथ वे यूरो कप के फाइनल में गोल करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए। उनकी उम्र 34 साल 71 दिन रही।

पेनल्टी शूट आउट में इटली ने इंग्लैंड को पटखनी दे दी। पेनल्टी शूट आउट में इटली ने पांच में से तीन दफे गेंद को गोल पोस्ट में डाला जबकि इंग्लैंड के खिलाड़ी ऐसा दो दफे ही कर सके। इससे पहले खिताबी मुकाबले की शुरुआत ही रोमांचक रही।

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इंदौर