अयोध्या में बोले मोदी- यह राम की ही नीति है कि ‘भय बिन होए न प्रीत’, ‘राम काज कीन्हे बिना, मोहि कहां विश्राम, कोरोना पर बोले- दो फीट की दूरी-मास्क है जरूरी

अयोध्या। बुधवार को मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम की जन्मस्थली अयोध्या में ऐतिहासिक क्षण के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर का भूमि पूजन किया।


इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए मोदी ने भगवान राम के मर्यादित जीवन से लेकर उनके शौर्य का वर्णन करते हुए कहा कि यह राम की ही नीति है कि ‘भय बिन होए न प्रीत।’

उन्होंने यह भी कहा कि ‘राम काज कीन्हे बिना, मोहि कहां विश्राम।’ कोरोना के मौजूदा हालातो पर भी भगवान राम की मर्यादा की याद दिलाते हुए उन्होंने कहा- दो फीट की दूरी-मास्क है जरूरी।


भूमि पूजन के पश्चात अपने उद्बोधन में पीएम मोदी ने यहां कहा कि हमारा देश जितना ताकतवर होगा, उतनी ही शांति भी बनी रहेगी। राम की यही नीति और रीति सदियों से भारत का मार्ग दर्शन करती रही है। महात्मा गांधी ने रामराज्य का सपना देखा था। राम समय, स्थान और परिस्थितियों के हिसाब से बोलते और सोचते हैं।


उन्होंने कहा कि यहां पर भव्य व दिव्य राम मंदिर हमारी संस्कृति का आधुनिक प्रतीक बनेगा। हमें आपसी प्रेम-भाईचारे के संदेश से राम मंदिर की शिलाओं को जोड़ना है, जब-जब राम को माना है विकास हुआ है जब भी हम भटके हैं विनाश हुआ है।

उन्होंने कहा कि हमे सभी की भावनाओं का ध्यान रखना है, सबके साथ से और विश्वास से ही सबका विकास करना है। पीएम ने बताया कि शास्त्रों में कहा गया है कि पूरी पृथ्वी पर श्रीराम जैसा कोई शासक हुआ ही नहीं है, कोई भी दुखी ना हो कोई भी गरीब ना हो।

नर और नारी समान रुप से सुखी हों। पीएम मोदी ने कहा कि राम का आदेश है कि बच्चों, बुजुर्ग और वैद्यों की रक्षा करनी चाहिए, जो हमें कोरोना ने भी सिखा दिया है।

इससे पहले पीएम मोदी ने अयोध्या पहुंच हनुमानगढ़ी में पूजा की, जिसके बाद उन्होंने रामलला के दर्शन किए। भूमि पूजन के दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अन्य मेहमान शामिल रहे।

Spread the love

6

इंदौर