इंदौर में ऑनलाईन सट्टे के अवैध कारोबार में छह माह में बैंक खातों में हुआ 53 करोड़ से अधिक का ट्रांजेक्शन, 1 करोड 31 लाख से अधिक नकद बरामद, सम्भवतः मप्र में अभी तक की सबसे बड़ी कार्रवाई

इंदौर। मप्र की औद्योगिक राजधानी इंदौर में अभी तक के सबसे बडे ऑनलाइन सट्टे के अवैध कारोबार करने वाले गिरोह का इंदौर पुलिस द्वारा पर्दाफाश। किया गया है। प्रारंभिक जांच में इस अवैध कारोबार में विगत छह माह में बैंक खातों में 53 करोड़ से अधिक का ट्रांजेक्शन होने की बात सामने आई है जबकि 1 करोड 31 लाख से अधिक नकद राशि बरामद की गई है।


इसी तरह बैंकों में हुए संदिग्ध लेनदेन की 1.5 करोड़ रुपये मूल्य की राशि अलग -अलग बैंक के खातों में कि फ्रीज गई हैं। सम्भवतः मप्र में अभी तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है।

ऑनलाइन सट्टे पर की जा रही कार्यवाही के तहत टीम को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि थाना महू क्षेत्रान्तर्गत राजू वर्मा के मकान में बड़े स्तर पर ऑनलाईन सट्टा खिलाया जा रहा है ।

जिस पर महू पुलिस द्वारा मौके पर कार्यवाही करते हुये राजू वर्मा नि . गुजरखेडा महू के मकान से 01. विकाश पिता मनोहर सिह यादव उम्र 25 साल नि . खण्डवा , 02. जितेन्द्र पिता नारायण लोवंशी उम्र 24 साल नि . सिवनी मालवा गोलगाँव जिला होशगांबाद , 03 . हेमंत पिता अनिल गुप्ता उम्र 23 साल नि.बरमकेला छत्तीसगढ , 04. सोनू पिता संतोष गुप्ता उम्र 20 साल नि . बरमकेला छत्तीसगढ को 03 लेपटॉप व मोबाईलों के जरिये ऑनलाईन सट्टा का गेम करते पकडा गया ।

उक्त सट्टे के गेम में पुछताछ पर राजा वर्मा उर्फ लोकेश पिता राजू वर्मा नि.गुजरखेडा महू द्वारा सट्टा खिलाने के लिये उक्त समस्त व्यक्तियों को नौकरी पर रखने की जानकारी प्राप्त हुई । जिसमें पलाश अभिचंदानी व शुभम कलमें भी राजा वर्मा के ऑनलाईन अवैध सट्टे के व्यापार में सम्मिलित होना पता चला । उक्त कार्यवाही के उपरान्त थाना महू पर धारा 420,120 बी भादवि 3/4 सट्टा एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया ।

विवेचना के दौरान उक्त विकाश यादव , जितेन्द्र लोवंशी हेमंत गुप्ता , सोनू गुप्ता , लोकेश उर्फ राजा वर्मा , पलाश अभिचंदानी , शुभम कलमें मुकेश अभिचंदानी , मनोज मालवीय को गिरफ्तार किया गया ।


ऐसे करते फर्जीवाड़ा
मामले की विवेचना में इस बात की जानकारी प्राप्त हुई की आरोपी राजा वर्मा मुख्य आरोपी है । जो महू व इंदौर के गरीब मजदूर वर्ग के लोगो को दुकान खुलवाने का लोन दिलवाने के नाम से उनके आधार कार्ड , पेन कार्ड मँगवाकर गुमास्ता बनवाता था उसके बाद अलग अलग बैंको में गरीब मजदुरों के नाम से व्यापारी फर्म बनाकर बैंक में करन्ट एकाऊण्ट खुलवाता था । जिसमें ऑनलाईन सट्टे के पैसे इन खातों में बड़ी मात्रा में जमा होते थे ।

ऐसे 13 बैंक खाते प्रारम्भिक विवेचना में सामने आये । जिनमें पिछले छः माह में लगभग 53 करोड 23 लाख 70 हजार 417 रुपयों का ट्रॉजेक्शन होना पाया गया एवं उक्त विवेचना में सायबर सूचनाओं के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त हुई कि राजा वर्मा ने इंदौर के एक सॉफ्टवेयर इन्जीनियर मनोज उर्फ मोंटी पिता कैलाश मालवीय निवासी पालदा इंदौर में उक्त धन गेम का सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन एंड्रायड प्लेट फार्म पर तैयार किया और राजा वर्मा को ऑनलाईन सट्टा चलाने के लिये दिया था ।


राजा वर्मा द्वारा उक्त ऑनलाईन सट्टा का कारोबार लगभग दो वर्षों से संचालित कर रहा था और इस सट्टों से प्राप्त रुपयों से महू तथा इंदौर में मंहगी मंहगी प्रापर्टी करोडों रुपये मूल्य की स्वंय व परिवार वालों के नाम से खरीद रहा था । राजा वर्मा द्वारा लगभग 6 करोड रुपये मूल्य की प्रापर्टी खरीदी है ।

उक्त धन गेम बनाने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर मनोज उर्फ मोंटी पिता कैलाश मालवीय को भी गिरफ्तार कर लिया है । मनोज उक्त सॉफ्टवेयर को संचालित करने के लिये राजा उर्फ लोकेश वर्मा कि सहायता करता था और सट्टे से प्राप्त बढी धन राशि हावाला के माध्यम से सट्टे बाजों में बटती थी ।


जप्ती के मान से अब तक म.प्र . पुलिस के इतिहास में उक्त कार्यवाही काफी बडी है । इस संबंध में इंदौर पुलिस द्वारा प्रवृत्तन निर्देशालय ( ED ) को भी उक्त मनीलॉड्रींग के संबंध में पृथक से जाँच हेतू पत्र लेख किया जा रहा है । मुख्य आरोपी राजा उर्फ लोकेश वर्मा पिता राजू वर्मा नि.गुजरखेडा का अभी न्यायिक अभिरक्षा में है ।

उक्त सराहनीय कार्य करने पर डी.आई.जी. श्री हरिनारायणचारी मिश्र द्वारा सम्पूर्ण टीम को 20 हजार रुपए पुरूस्कार देने की घोषणा की है ।

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