मप्र के डीजीपी व होम सेक्रेटरी शपथपत्र पर बताएं कि हाई कोर्ट के निर्देश के बावजूद हनीट्रैप मामले में गठित एसआईटी के इंचार्ज एसपी अवधेश गोस्वामी का ट्रांसफर कैसे कर दिया, हनीट्रैप केस की स्टेटस रिपोर्ट भी पेश करे- हाई कोर्ट

इंदौर। हाई कोर्ट ने मप्र के डीजीपी व होम सेक्रेटरी शपथपत्र पर बताएं कि हाई कोर्ट के निर्देश के बावजूद हनीट्रैप मामले में गठित एसआईटी के इंचार्ज एसपी अवधेश गोस्वामी का इंदौर से ट्रांसफर कैसे कर दिया गया? इसी के साथ कोर्ट ने हनीट्रैप केस की ताज़ा स्टेटस रिपोर्ट भी पेश करने को कहा है।

जस्टिस एससी शर्मा व जस्टिस विरेंदर सिंह की डिवीजन बेंच में हनी ट्रैप मामले को लेकर विचाराधीन जनहित याचिका पर हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने ये निर्देश दिए।


याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट निधि वोहरा ने आवेदन में कहा कि गत 21 अक्टूबर 2019 को हाई कोर्ट ने निर्देश दिए थे कि बिना कोर्ट की अनुमति इस केस की जांच के लिए बनी एसआईटी में से किसी अफसर का इंदौर से अन्यत्र ट्रांसफर नही किया जाए, इसके बावजूद सरकार ने एसआईटी के ऑफिसर इंचार्ज एसपी अवधेश गोस्वामी का ट्रांसफर कर दिया जो कोर्ट के आदेश की अवहेलना है।

शासन की ओर से महाधिवक्ता पुरुषेन्द्र कौरव व अतिरिक्त महाधिवक्ता पुष्यमित्र भार्गव ने तर्क रखे। इसमे कहा गया कि यह ट्रांसफर गलती से हो गया, इसमे कोर्ट के निर्देश की अवहेलना की कोई दुर्भावना नही थी, उनका ट्रांसफर आदेश निरस्त भी कर दिया गया है और भविष्य में ऐसी गलती नही हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा।

सभी के तर्क सुन कोर्ट ने इस मामले मप्र के डीजीपी व प्रिंसिपल सेक्रेटरी होम को शपथपत्र पर इस ट्रांसफर को लेकर जवाब पेश करने को कहा है। इसी के साथ कोर्ट ने इतने संवेदनशील मामले में 16 मार्च 2020 से अभी तक स्टेटस रिपोर्ट नही पेश करने का उल्लेख करते हुए निर्देशित किया कि इसकी इन्वेस्टिगेशन की स्टेटस रिपोर्ट पेश की जाए। अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी।

सुनवाई के दौरान इंटर विनर की ओर से अधिवक्ता सुदर्शन जोशी भी थे।

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