कमिश्नर आकाश त्रिपाठी की पहल पर इंदौर में प्रशासन ने रुकवाया बाल विवाह, 20 नवम्बर को होना थी 14 वर्षीय नाबालिक किशोरी की शादी

इंदौर। रविवार को संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी की पहल पर इंदौर जिले में आगामी 20 नवंबर को होने जा रहा एक बाल विवाह रुकवाया गया।


संभागायुक्त त्रिपाठी को यह सूचना मिली थी कि इंदौर जिले के केलोद काकड़ गांव में करीब 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी का विवाह सांवेर क्षेत्र के ग्राम धतुरिया में रहने वाले युवक से होने जा रहा है। किशोरी के जन्म 2005 में होना पाया गया।

इस पर कमिश्नर ने तुरंत बाल विवाह रोकने वाली टीम को गांव भेजा। टीम वहां पहुंची तो पता चला कि आगामी 20 नवंबर को होने वाली इस शादी के कार्ड भी बंट चुके हैं और अन्य सारी तैयारियां हो चुकी है। इस पर परिवार वालों को समझाईश देकर यह बाल विवाह रुकवाया गया।


इस कार्रवाई में प्रभारी कार्यक्रम अधिकारी विष्णु प्रताप सिंह राठौर के मार्गदर्शन में नितिन चौरसिया परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक नीता श्रीवास्तव एवं CPS के आशीष वर्मा, संदेश रघुवंशी, चाइल्ड लाइन के राहुल, मंजू किशोर, शारदा मारू, भावना प्रधान, अर्चना अग्रवाल, सुनीता राय, केशव, टीम मेंबर एवं थाना लसूड़िया का पुलिस बल शामिल था। इनके द्वारा संयुक्त कार्यवाही कर बालिका की उम्र कम होने के कारण परिवार को इस संबंध में मौका पंचनामा बनाकर विवाह न करने की समझाईश दी गयी।

परिवार विवाह को रोकने एवं बालिका के 18 वर्ष पूर्ण होने के उपरांत करने के लिए तैयार है। इस संबंध में उनके द्वारा लिखित रूप से दिया गया।

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