सड़क किनारे, चौराहों पर खड़े होकर लोन दिलाने के नाम पर ठगने वालों से रहे सावधान… इंदौर सायबर सेल ने पकड़ा ऐसा धोखेबाज, लोन के नाम पर ठगी की कई वारदातें कबूली

इंदौर। शहर के विभिन्न इलाकों में सड़क किनारे, चौराहों आदि जगहों पर खड़े होकर तुरंत लोन दिलाने के नाम पर ठगने वालों से रहे सावधान रहिए, ये आपके आधार कार्ड व पेन कार्ड आदि के आधार पर आपको अपना शिकार बना सकते हैं। इंदौर सायबर सेल ने ऐसे ही एक धोखेबाज को पकड़ा है जिसने लोन के नाम पर ठगी की कई वारदातें कबूली है।


आरोपी का नाम सुरेशचंद्र पिता अमरसिंह निवासी 398 बिजलपुर इंदौर है। वह चौराहों चौराहों पर इंडिया बुल्स के नाम पर केनोपी लगाकर आनलाइन आधार कार्ङ एवं पैन कार्ङ से लोन दिलाने के नाम पर धोखाधङी करता था। एसपी सायबर जितेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी बार-बार अपनी लोकेशन बदलता रहता था। वह छोटे लोन दिलाने के नाम पर धोखाधडी करता था। धोखाधङी करने के लिए कई सिमों का प्रयोग करता था।


विगत दिनों फरियादी जीवन पटेल पिता रमेश पटेल निवासी गारी पिपलिया बिचौली मर्दाना इंदौर ने एक लिखित शिकायत की थी कि अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसके साथ इंङिया बुल्स से लोन दिलाने के नाम पर उसके कागजात लेकर उसके नाम से धोखाधङीपूर्वक फर्जी लोन उसके नाम से ले लिया।


शिकायत की जांच में तकनीकी जानकारी के विश्लेषण के आधार पर आरोपी को पकड़ा गया। पूछताछ करने पर आरोपी ने बताया कि वह अपनी मोटर सायकिल पर इंडिया बुल्स की केनोपी लगाकर लोगों को छोटे लोन दिलाने के नाम पर धोखाधडी करता था।

उसने लोन दिलवाने के नाम पर जीवन पटेल नाम के व्यक्ति से पैन कार्ङ, आधार कार्ङ और उसकी फोटो लेकर जीवन पटेल का आनलाइन इंडियन पोस्ट पेमेण्ट बैंक एप के माध्यम से खाता खुलवाया था। उस खाते में आरोपी ने अपना मोबाइल नम्बर डाल दिया था, फिर आरोपी ने किश्त लोन नामक कम्पनी में जीवन पटेल के पैन कार्ङ एवं आधार कार्ङ से लोन के लिये आनलाइन अप्लाय किया था।

जीवन पटेल को लोन मंजूर किया गया, जो किश्त लोन कम्पनी द्वारा जीवन पटेल के इंडिया पोस्ट पेमेण्ट बैंक के खाते में दिया गया, जिसे आरोपी ने धोखाधडी पूर्वक उस खाते में अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर के माध्यम से पेटीएम बैंक में आनलाइन ट्रांसफर कर लिया था। आरोपी ने यह भी बताया कि वह इस प्रकार लगभग आधा दर्जन लोगों के साथ धोखाधङी कर चुका है।

आरोपी को गिरफ्तार किया जाकर आरोपी के कब्जे से अलग-अलग मोबाईल नंबरों की सिम, मोबाईल, पैन कार्ङ, आधार कार्ङ जप्त किए। उक्त प्रकरण का खुलासा करने में निरीक्षक अंबरीश प्र0आर0 रामपाल, रामप्रकाश बाजपेयी, एवं आर0 विक्रांत तिवारी, रमेश भिङे, विशाल महाजन, गजेन्द्र सिंह राठौङ, विजय बडोदकर, महावीर परिहार एवं आर0चालक दिनेश सौराष्टीय की भूमिका रही।

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