Dec 07 2021 / 2:48 AM

इंदौर के एक अधिवक्ता की सनद 6 महीने के लिए निलंबित करने व 25 हजार अर्थदंड के स्टेट बार के आदेश पर हाई कोर्ट का स्टे

इंदौर। इंदौर के एक अधिवक्ता की सनद 6 महीने के लिए निलंबित करने व 25 हजार अर्थदंड के स्टेट बार काउंसिल के आदेश पर हाई कोर्ट ने स्टे कर दिया है।
जस्टिस सुजॉय पॉल व जस्टिस प्रणय वर्मा की डिवीजन बेंच ने मामले की अगली सुनवाई तक उक्त स्टे करते हुए संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट पुष्यमित्र भार्गव ने तर्क रखें।

यह था मामला
इंदौर के अधिवक्ता राघवेंद्र सिंह बैस पर आरोप है कि 19 मई 2017 को अधिवक्ता संघ के चुनाव के दौरान संघ के तत्कालीन सचिव से उन्होंने अभद्र व्यवहार किया। इसकी शिकायत सचिव ने मप्र स्टेट बार काउंसिल में की थी।

बार काउंसिल की अनुशासन समिति ने गंभीर मामला माना और अधिवक्ता राघवेंद्र सिंह बैस को धारा 35 अधिवक्ता अधिनियम 1961 के अंतर्गत व्यवसायिक कदाचरण का दोषी पाते हुए उनकी सनद 6 माह के लिए निलंबित कर दिया। साथ ही 25 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। इस आदेश के खिलाफ अधिवक्ता बैस ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।

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