इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में 13 जनवरी से शुरू होगा तिल चतुर्थी उत्सव, थर्टी फर्स्ट व एक जनवरी को रेकॉर्ड साढ़े 8 लाख श्रद्धालु पहुँचे

इंदौर। इंदौर के सुप्रसिद्ध श्री खजराना गणेश मंदिर में 13 जनवरी सोमवार से तिल चतुर्थी उत्सव प्रारंभ होगा। इस बार थर्टी फर्स्ट व एक जनवरी को दर्शन के लिए पहुँचे भक्तों की संख्या के सारे रिकॉर्ड टूट गए। इन दो दिनों में करीब साढ़े आठ लाख श्रद्धालु पहुँचे।

इस उत्सव का शुभारंभ प्रातः 10:30 कलेक्टर एवं श्री खजराना गणेश मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष लोकेश कुमार जाटव द्वारा ध्वजा पूजन के साथ किया जायेगा। जिसमें संस्कृत विद्यालय के बटूको द्वारा अर्थवशीष पाठ किया जायेगा। साथ ही सवा लाख तिल गुड़ के लड्डू का भोग प्रथम दिवस लगाया जायेगा। उत्सव के द्वितीय व तृतीय दिवस को अलग-अलग अनाजों से निर्मित ‘लड्डूओ का भोग लगेगा। भगवान श्री गणेश जी का स्वर्ण आभूषणो से श्रृंगार होगा। जिसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन द्वारा 1-4 की गार्ड लगाकर कराई जायेगी।

यह जानकारी आज यहां आयोजन के संबंध में सम्पन्न हुई बैठक में दी गई। बैठक की अध्यक्षता नगर निगम आयुक्त एवं मंदिर के प्रशासक आशीष सिंह ने की। इस बैठक में एडिशनल एसपी शैलेन्द्र सिंह चौहान, सीएसपी एसकेतोमर, थाना प्रभारी प्रीतम सिंह, पुजारी अशोक भट, सतपाल महाराज, विनित भट्ट, भक्त मंडल के अरविंद बागड़ी, कैलाश पंच, जय वर्मा, गोविन्द पाटीदार सुनील पाटीदार, रमाशंकर यादव तथा अन्य निगम अधिकारी एवं भक्तगण उपस्थित थे।

भजन संध्या होगी- मेला लगेगा

बैठक में बताया गया कि सम्पूर्ण मंदिर परिसर में आकर्षक विद्युत एवं फूलो से साज सज्जा की जायेगी। तीन दिवसीय भजन संध्या का आयोजन भी होगा। इसमें अलग-अलग गायको द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी जायेगी। मंदिर परिसर में उत्सव अवधि के दौरान मेला आयोजन भी होगा। इसमें बच्चो के मनोरंजन के लिए छोटे झूले, चाट-चौपाटी, आदि की व्यवस्था होगी। श्री गणपति मंदिर खजराना में आने वाले दर्शनार्थी रिंगरोड से माता कालका मंदिर के सामने वाले द्वार से प्रवेश करेगें तथा झिगझेग से होते हुए संचयेनी द्वार में से मुख्य प्रागण में प्रवेश करेगें। जिसमें स्टेपिंग के माध्यम से प्रथम लाईन प्रसादी चढाने हेतु नियत रहेगी। एवं शेष चार लाईनो से दर्शनार्थियों द्वारा दर्शन लाभ लिया जा सकेगा। दर्शनार्थियों के लिए निकासी मार्ग मंदिर प्रागंण स्थित साई बाबा मंदिर की ओर से किया गया है। श्रद्धालु मंदिर परिसर से बाहर गोयल विहार से निकासी मार्ग होते हुये वापस रिंगरोड पर जा सकेंगे। उक्त अवधि में मंदिर गर्भ गृह में किसी को जाने की अनुमति नही रहेगी एवं यातायात को देखते हुए दोनो मार्ग एकांगी रहेगें।

साढ़े आठ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किये दो दिन में दर्शन

बैठक में गत 31 दिसम्बर 2019 एवं नववर्ष के पहले दिन 01 जनवरी 2020 को मंदिर में दर्शन की व्यवस्था तथा यातायात पुलिस व्यवस्था की समीक्षा की गई। बताया गया कि गत 31 दिसम्बर 2019 की रात्रि को एक लाख 17 हजार 345 दर्शनार्थियों द्वारा भगवान श्री गणेश जी के दर्शन का लाभ लिया गया। इसी प्रकार एक जनवरी 2020 को वर्ष के पहले दिन 7 लाख 18 हजार 572 दर्शनार्थियों द्वारा दर्शन का लाभ लिया गया इस प्रकार उक्त दोनो दिन में 8 लाख 35 हजार 917 दर्शनार्थियों द्वारा दर्शन किये गये जो कि अपने आप में एक रिकार्ड है। इस दौरान मंदिर परिसर में एवं आने जाने के मार्ग पर पर्याप्त विद्युत एवं सफाई व्यवस्था की गई थी। साथ ही भगवान का विशेष श्रंगार किया गया था। दर्शनार्थियों को दर्शन सुलभ हो सके इस हेल स्टेपिंग,झिगझेग आदि की व्यवस्था की गई थी, जिससे दर्शनार्थियों को दर्शन सुलभ हो सके। ट्राफिक एवं पलिस प्रशासन तथा नगर सैनिक मंदिर के अधिकारी/कर्मचारी एवं सिक्युरिटी गार्ड द्वारा मुस्तेदी से डयूटी का निर्वाहन के फल स्वरूप इतनी अधिक भीड़ होने के बाद भी किसी प्रकार की कोई दुर्घटना घटित नहीं हुई। सर्वसहमति से निर्णय लिया गया कि उक्त व्यवस्थाओं का दस्तावेजीकरण किया जाकर उसकी एक प्रति थाना खजराना एवं एक प्रति मंदिर कार्यालय में रखी जाये, जिससे आगमी वर्षों में व्यवस्था किए जाने में सहयोग मिलता रहे। साथ ही अच्छे कार्य करने वाले नगर सैनिको को जिनके द्वारा नि: शुल्क सेवा दी गई है, उनको थाना प्रभारी के माध्यम से प्रशंसा पत्र दिया जाये। साथ ही सर्वसहमति से यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी नव वर्ष के अवसर पर भगवान का श्रंगार स्वर्ण जड़ित आभूषण को कोषालय से लाकर किया जाये एवं गार्ड की ड्यूटी तत्‍समय तैनात की जाये।

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