इंदौर में होली व रंगपंचमी पर लॉक डाउन के सवाल पर क्या बोले कलेक्टर मनीष सिंह, देखें वीडियो

इंदौर। इंदौर प्रेस क्लब में बुधवार को कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों को लेकर इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह व डीआईजी मनीष कपूरिया मीडिया कर्मियों से रूबरू हुए।


इस दौरान तेज समाचार डॉट इन द्वारा उनसे इंदौर में होली व रंगपंचमी पर लॉक डाउन को लेकर सवाल किया गया। इस पर कलेक्टर मनीष सिंह ने क्या जवाब दिया-, देखें वीडियो।

कोरोना मरीजों का उपचार प्रोटोकॉल के अनुसार ही किया जाये, मरीजों से निर्धारित दर से ही इलाज की राशि ली जाये- कलेक्टर

इधर कलेक्टर मनीष सिंह ने आज शहर के अस्पतालों के प्रबंधकों और चिकित्सकों की बैठक प्रीतमलाल दुआ सभागृह में ली। उन्होंने निर्देश दिये कि कोरोना मरीजों के उपचार के लिये किसी भी तरह की कोई कोर-कसर नहीं रखी जाये। निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया जाये। शासन-प्रशासन द्वारा निर्धारित दरों का प्रदर्शन अपने-अपने अस्पतालों में किया जाये और इसी के अनुसार इलाज की राशि ली जाये। अलग से किसी भी मद में राशि वसूल नहीं की जाये।

इस बैठक में प्रमुख रूप से इंडियन मेडिकल एसोशिएशन इंदौर के डॉ. हेमंत जैन तथा डॉ. सतीश जोशी, अपर कलेक्टर संतोष टैगोर, इंदौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक श्रोत्रिय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.एस. सैत्या, एमआरटीबी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सलिल भार्गव, कोविड के नोडल अधिकारी डॉ. अमित मालाकार सहित कोविड के इलाज के लिये चिन्हित निजी तथा शासकीय अस्पतालों के प्रबंधक और चिकित्सक मौजूद थे।

बैठक में कलेक्टर सिंह ने निर्देश दिये कि अलाक्षणिक और कम लक्षण वाले मरीजों को अनावश्यक रूप से भर्ती नहीं किया जाये। गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार दिया जाये।

उपचार के पश्चात ठीक होने पर उन्हें पाँच से सात दिन में डिस्चार्ज किया जाये। मरीजों से निर्धारित दर से ही राशि ली जाये। मरीजों और उनके परिजनों से अच्छा व्यवहार किया जाये। अगर किसी अस्पताल से मरीज को स्थानांतरित करने की आवश्यकता होती है, तो संबंधित अस्पताल में रिक्तता की स्थिति पता कर ही उसे स्थानांतरित किया जाये।

अगर कोई मरीज दूसरे अस्पताल में इलाज के लिये जाना चाहता हो, तो उसे उसकी इच्छा के अनुरूप डिस्चार्ज किया जाये। किसी भी जरूरतमंद मरीज का उपचार पैसे के अभाव में नहीं रोका जाये। निजी अस्पतालों में व्यवस्थाओं और इलाज की मॉनिटरिंग के लिये चार झोनल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश कलेक्टर सिंह ने दिये। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में मरीजों की भर्ती और बेड की रिक्तता की जानकारी दिन में तीन बार कंट्रोल रूम में अनिवार्य रूप से देने के निर्देश दिये है। बैठक में बताया गया कि 1075 नम्बर पर डायल कर कोई भी व्यक्ति कंट्रोल रूम से बेड की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त कर सकतें है।

कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि कोरोना के इलाज में गाइड लाइन का पूरा पालन किया जाये। लापरवाही करने वाले अस्पतालों के विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने बताया कि इंदौर जिले में कोविड टीकाकरण के लिये टीकाकरण केन्द्रों की संख्या बढ़ाई जा रही है। बैठक में इंडियन मेडिकल ऐसोशिएशन के डॉ. हेमंत जैन ने कहा कि जिले में कोरोना काल में निजी क्षेत्र के अस्पतालों ने बेहतर कार्य किया है।

उन्होंने ने अपेक्षा व्यक्त की कि जिस तरह पूर्व में कोरोना के उपचार के लिये मानवीय संवेदनाओं के साथ कार्य किया गया था, उसी तरह का कार्य अभी भी आगे भी किया जाये। बैठक में डॉ. सलिल भार्गव ने कोरोना के इलाज के प्रोटोकॉल के बारे में जानकारी दी । उन्होंने चिकित्सकों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।

Spread the love

इंदौर