जब इंदौर में किसान और फल-सब्जी विक्रेताओं के साथ अमानवीय व्यवहार को लेकर मोघेजी को आया गुस्सा, फैसलों पर अमल नहीं होने पर जताई नाराजगी

इन्दौर। इंदौर में लॉक डाउन के दौरान बरती जा रही मनमानी पर रविवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता कृष्ण मुरारी मोघे ने खासी नाराजी जताई। जनहित से जुड़े मुद्दों पर लिए गए निर्णयों पर अमल नहीं किए जाने व इंदौर में किसान और फल-सब्जी विक्रेताओं के साथ अमानवीय व्यवहार से नाराज मोघे जी ने आगामी बैठकों में शामिल नहीं होने की बात तक लह दी।


भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद कृष्ण मुरारी मोघे ने आज अपराह्न भाजपा कार्यालय में अपने उक्त तीखे तेवर दिखाएं। दरअसल रेसीडेंसी कोठी में प्रशासनिक अमले के साथ बैठक से पहले भाजपा के स्थानीय आला नेता मंथन करने के लिए एकत्रित हुए थे।

इसमे सांसद शंकर लालवानी, विधायक मालिनी गौड़, नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे, पूर्व अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा, मधु वर्मा, सुदर्शन गुप्ता, आदि थे। जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात कार्यक्रम समाप्त हुआ, वैसे ही चर्चा का सिलसिला शुरू हुआ। बैठक में समन्वयक की भूमिका निभा रहे डॉ. निशांत खरे विशेष रूप से उपस्थित थे।

बताते हैं कि बैठक में मोघे ने इस बात पर सख्त एतराज उठाया कि प्रशासन की बैठकों में लिए जाने वाले जनहित के निर्णयों का क्रियान्वयन नहीं हो पाता हैं। बार-बार पूर्व में लिए गए फ़ैसलों के संदर्भ में स्मरण करवाना पड़ता है। उन्होंने पूर्व की बेहक में दोनों वक़्त दूध वितरण शुरू करने और कुछ घंटो में लिए डेयरी खोलने के साथ ही सब्जी ठेले वालो को रूट पास दे कर कॉलोनियों में सब्जी फल विक्रय हेतु डायरेक्ट किसानों से खरीद कर वितरण शुरू करने का सुझाव दिया था।

उन्होंने कहा कि एक तरफ़ अनेक व्यवसायियों को राहत दी जा रही है लेकिन किसान और फल-सब्जी विक्रेताओं के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा हैं। चर्चा है कि इस बात से नाराज मोघे बैठक छोड़ भाजपा कार्यालय से नीचे उतर आएं। मोघे का यह रूप देखकर सभी भाजपा नेता सकते में आ गए। कुछ नेता उनकी कार के आगे खड़े हो गए और उन्हें बमुश्किल रोका और उन्हें रेसीडेंसी कोठी लेकर आए।


मोघे ने कहा कि गेहूँ खरीदी, किसानों से प्याज खरीदी, प्रवासी श्रमिकों के लिए बस सुविधा, भोजन सुविधा जैसे मुद्दे उन्होंने मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रियों के संज्ञान में लाएं, जिस पर तो तत्काल अमल हो गया लेकिन इन्दौर में कोई बात सुनने को तैयार ही नहीं होता।


इस पर यह तय किया गया कि आला अफसरों की बैठक में सबसे पहले पूर्व में लिए गए निर्णयों पर चर्चा होगी। बाद में रेसीडेंसी कोठी की बैठक में मोघे ही केंद्र बिंदु रहें। बैठक में मोघे ने दूध विक्रेताओं-डेयरियों के माध्यम से दोनों वक्त दूध की बिक्री, फल-सब्जी विक्रेताओं के माध्यम से शहर में फल सब्जी विक्रय, सब्जी-फल की ज़ब्ती पर रोक लगाने की बात रखी। उन्होंने शहर खोलने के साथ-साथ सिटी बस चलाने का सुझाव भी रखा।जिला कलेक्टर ने आश्वस्त किया कि आज शाम तक इन मुद्दों पर निर्णय लें लिए जाएंगे।

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