जब हाई कोर्ट जज को सामने देख चोंक पड़े सीएसपी

इंदौर। इंदौर में पदस्थ एक सीएसपी उस समय चोंक गए जब एक हाई कोर्ट जस्टिस उनके ऑफिस पहुंच गए। वे कुछ समझ पाते इसके पहले जज ने गुलदस्ता भेंट कर उनके द्वारा किये गए एक अनुकरणीय काम की बधाई दी। दरअसल गत शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंदौर आने वाले थे। नियमानुसार किसी भी वीवीआईपी मूवमेंट के 15 मिनट पहले रास्ता बंद होता है और काफिला निकलने के 8 मिनट बाद ही खोला जा सकता है। उसी समय बंगाली चौराहे पर सीएसपी मनोज रत्नाकर की ड्यूटी थी। पीएम का काफिला एयरपोर्ट से रवाना हो चुका था, लेकिन बंगाली चौराहा पहुंचने में कुछ देर थी। तभी एक एम्बुलेंस चौराहे पर आई। अन्य वाहनों के साथ उसे भी रोक दिया।

तब सीएसपी ने देखा कि इस एम्बुलेंस में लेटी महिला (निशा वैद्य) के मुंह से खून निकल रहा था। उनकी हालत खराब लग रही थी जिसे तत्काल उपचार की आवश्यकता थी। उन्होंने महिला की जान बचाने का सोचकर तुरत फुरत निर्णय लिया कि PM का काफिला पहुंचे इसके पहले एंबुलेंस को यहाँ से निकलवाएंगे। उन्होंने वीवीआइपी की सुरक्षा के नियमो का भी पालन करते हुए वीवीआइपी के वहाँ से गुजरने से पहले ही तुरन्त उस एम्बुलेंस को चौराहे से निकलवा दिया। इससे समय पर वह हॉस्पिटल पहुँच गयी और तत्काल इलाज शुरू हो गया।

व्यक्तिगत तौर पर गए जज

मीडिया के माध्यम से यह खबर पता पड़ने पर सह्रदय हाई कोर्ट जस्टिस एससी शर्मा खुद को रोक नहीं पाए और मानवसेवा का अनुकरणीय कार्य करने वाले सीएसपी रत्नाकर को इस पुनीत कार्य की बधाई देने व्यक्तिगत हैसियत से उनके ऑफिस पहुंच गए। जस्टिस शर्मा की प्रोत्साहित करने वाली इस अभूतपूर्व पहल की सर्वत्र सराहना हो रही है। यह माना जा रहा है कि इससे जनसेवा में लगे रहने वाले अन्य सभी लोगों में उत्साह का दुगना संचार होगा और वे अधिक उत्साह से जनसेवा करते रहेंगे। तेज़ समाचार (tezsamachar. in) की ओर से सेल्यूट जस्टिस शर्मा जी औऱ सेल्यूट सीएसपी रत्नाकरजी को।

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