महिलाओं से वसूला रजिस्ट्री शुल्क वापस कटाएंगे

इंदौर । संपत्ति में बेटी या पत्नी को सहस्वामी बनाने पर केवल 1100 रुपए शुल्क लगाए जाने का आदेश गत जुलाई माह में ही प्रदेश सरकार द्वारा जारी कर दिया गया था , लेकिन सॉफ्टवेयर में बदलाव के चलते पुरानी दर से राशि वसूली जाती रही ।
इसलिए विगत चार माह में हुई ऐसी रजिस्ट्रियों में वसूली गई अधिक राशि वापस दिलवाई जाएगी ।

उल्लेखनीय है कि इस संबंध में मप्र शासन ने 29 जून 2019 को ही यह फैसला ले लिया था और एक जुलाई से लागू होना था , लेकिन संपदा सॉफ्टवेयर में स्टाम्प ड्यूटी व पंजीयन शुल्क 1100 रुपए कर रजिस्ट्री के समय लगने वाले तीन प्रतिशत निगम कर , एक प्रतिशत पंचायत कर व 0 . 50 प्रतिशत उपकर को कम नहीं किया था , जिसके चलते अभी तक संपत्ति के मूल्य पर 4 . 50 प्रतिशत शुल्क ही लिया जा रहा था ।

इसे लेकर सरकार तक पहुंची शिकायतों के बाद वाणिज्यिक कर विभाग के प्रमुख सचिव मनु श्रीवास्तव ने एक दिन पहले स्पष्टीकरण जारी कर सभी जिला पंजीयकों को आदेश दे दिए हैं । इसमें कहा गया है कि संपत्ति में बेटी या पत्नी को सहस्वामी बनाने पर केवल 1100 रुपए शुल्क इसमें हजार रु . स्टाम्प ड्यूटी और सौ रुपए पंजीयन शुल्क के होंगे ।

भारी बचत होगी रजिस्ट्री के खर्च में

उदाहरण के लिए यदि एक करोड़ की संपत्ति है तो इसमें पत्नी या बेटी को सहस्वामी बनाने पर अब साढ़े चार लाख रुपए का शुल्क ( निगम , पंचायत व उपकर ) नहीं लगेगा और मात्र 1100 रुपए के शुल्क पर ही सहस्वामी बन जाएंगे । शेष कर यथावत रहेगा ।

कांग्रेस प्रवक्ता प्रमोद द्विवेदी ने बताया कि इन चार माह की अवधू में जो रजिस्ट्री में अधिक राशि वसूली गई, उसकी वापसी के लिए वे पैरवी करेंगे और यह राशि वापस दिलवाएंगे।

Spread the love

इंदौर