Mar 21 2019 /
7:02 AM

Category: ब्लॉग

मैं भी… मैं भी

एक शहर में एक आदमी डमरू बजाते हुए आता है। तरह-तरह के साजों-सामान से लदा हुआ। जिधर से निकले भीड़ उधर खींची चली आए। और वह निष्ठुर सबसे एक ही सवाल करता, मैं कौन? लोग अचानक पूछे गए सवाल से सकपका जाते।

बहुत कठिन है डगर ताई की…

अब तक 8 बार लगातार इंदौर से लोकसभा चुनाव जीतकर देशभर में अपनी प्रतिष्ठा कायम करने वाली सुमित्रा महाजन यानि ताई का इस बार भी इंदौर से लोकसभा चुनाव लड़ना लगभग तय है। लेकिन यह माना जा रहा है कि इ

मामो तो यांज ही पडयो रि गयो बापड़ो….

बापड़ो मामो यान्ज इंदौर में धक्का खाई रियो हे। न केलाश जी ग्वालियर में असा ज प्रदर्शन की बॉस बनी न अगुवाई करी रिया हे। जा आरएसएस कुनबा को बड़ो ब्याव मण्डियो हे न जा आज अमित शाह सहित कई बड़ा दिग्गज

गर्व है कि हम देश के तीसरी बार घोषित सबसे स्वच्छ इंदौर शहर के बाशिंदे हैं

विपिन नीमा स्वच्छता सर्वेक्षण का दो बार राष्ट्रीय खिताब जीतने के बाद हर इंदौरवासी की यही तमन्ना थी कि इंदौर की हैट्रिक बनना चाहिए। शहर से पूरी तरह परिचित सरल स्वभाव की महापौर मालिनी

आखिर दिग्विजय के सवाल पर इतना गुस्सा क्यों?

क्या पाक में भारतीय पायलट अभिनन्दन की रिहाई की मांग करने वालों को आप देशद्रोही कहेंगे। ? (सूचना -इस पूरी खबर को सीधे-सीधे एक सैद्धांतिक मत के तौर पर देखा जाए, इसका किसी राजनीतिक दल या नेत

एकता कपूर कृत रिटर्न ऑफ अभिनंदन

एंकर सुबह से चीख रहा है। चार कैमरों से अभिनंदन की भारत में प्रवेश की पहली तस्वीर सिर्फ हमारे चैनल पर देख पाएंगे। एक कैमरा अटारी बार्डर पर मुस्तैद है, दूसरा वहां पहुंचे लोगों को फोकस कर रहा है,

सीने मत नापो, सरकार मत बनाओ, युद्ध लड़ो…

जश्न मत मनाओ, सरकार मत बनाओ, सीने मत नापो, युद्ध लड़ो, देख लिया मित्रो। ये जंग हे। कल से समझा रह हु। अपने सेनिक के साथ ये केसा द्रश्य देख रहे हे हम। और यहा सोशल मिडिया पर सरकारे बन रही हे। एक प

ये वक्त है चोकन्ने… होश में… अलर्ट रहने का

ये वक्त दिया बत्ती जलाने का नही ये वक्त पटाखे फोड़ने का नही ये वक्त मिठाई बाटने का नही ये वक्त जश्न का नही... ये वक्त चोकन्ने रहने का... होश में रहने का... अलर्ट रहने का...अपने आसपास की हर गतिविधि