May 26 2019 /
8:58 AM

Category: धर्म ज्योतिष

वैष्णो देवी में घोड़े या खच्चर पर बैठकर जाने वाले श्रद्धालुओं को अब हेलमेट लगाना होगा

कटरा। वैष्णो देवी के दर्शनों के लिए जाने वाले यात्रियों के लिए यह सूचनात्मक खबर है। यहां घोड़े या खच्चर पर बैठकर जाने वाले श्रद्धालुओं को अब हेलमेट लगाना होगा। इसके अलावा नी और एल्बो ग

इंदौर में माँ बगलामुखी की रथ यात्रा निकली गई, कल विशाल भंडारा

इंदौर। माँ बगलामुखी सेवा समिति की ओर से गुरु महाराज जी पं. हरिशंकर स्वामी के तत्वावधान में माँ बंगलामुखी जन्म महोत्सव के पर्व पर 3 दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन रखा गया है। 12 मई को विशाल रथ य

हेमकुंड साहिब / गुरुघर के पास भारी बर्फ के कारण यात्रा 25 मई की बजाय 1 जून से

चंडीगढ़। गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा इस बार एक सप्ताह देरी से शुरू हो पाएगी। बीते दिनों बर्फबारी के चलते इस पावनस्थली के आसपास के इलाके में थोड़ी-बहुत नहीं, बल्कि पूरे 15 फीट मोटी पर

हेलीकॉप्टर से बाबा अमरनाथ के लिए बालटाल से 1804, पहलगाम से 3104 किराया,बुकिंग बुधवार से

जम्मू। इस बार हेलीकॉप्टर से जम्मू कश्मीर की वादियों में विराजे बाबा अमरनाथ जाने के लिए बालटाल से 1804 और पहलगाम से 3104 किराया (एकतरफ) तय किया गया है। बुधवार एक मई से हेलीकॉप्टर सेवा की अॅानल

नवनिर्वाचित पूज्य जैकब आबाद सिंधी पंचायत ने शपथ ग्रहण किया

इंदौर। पूज्य जैकब आबाद सिंधी पंचायत ने रविवार को जैकब आबाद भवन में शपथ ग्रहण किया। निर्वाचन अधिकारी एडवोकेट पंकज वाधवानी एवं उनकी टीम द्वारा शपथ दिलाई गई। नयी कमेटी द्वारा समाज के वरि

श्री सेन जी महाराज की 719वी जयंती पर एक मई को गीता भवन पर सेन जी महाराज की प्रतिमा पर होगा माल्यार्पण

इंदौर। अपने आराध्य देव श्री सेन जी महाराज की 719वी जयंती आगामी 1 मई को इंदौर सेन समाज धूमधाम से मनाएगा। यह जानकारी देते हुए सेन समाज इंदौर के अध्यक्ष अशोक सेन आदरणीय, सचिव सुभाष वर्मा, कोषा

भव्य शोभायात्रा के साथ नंदानगर में भागवत कथा शुरू

इंदौर। नंदानगर में रोड़ नम्बर 3 पर शनिवार से सात दिवसीय भागवत कथा की शुरुआत हुए। स्व. श्यामलालजी सराठे व स्व. सावित्री देवी सराठे की पावन स्मृति में आयोजित इस भागवत कथा के पूर्व भव्य शोभा

23 अप्रैल से बृहस्पति हुए वक्री, जाने किसके लिए शुभ, किसके लिए अशुभ

अभी गत 23 अप्रैल से बृहस्पति वक्री हो गए हैं जो 11अगस्त 2019 तक वक्री रहेंगे। इस अवधि में इनकी गति और दृष्टि पीछे की ओर रहेगी। वक्री होते समय बृहस्पति वृश्चिक राशि में रहेंगे, जिसका विभिन्न राशि के