Oct 20 2021 / 6:17 PM

जन-सुनवाई में इंदौर में कलेक्टर द्वारा प्रिंसेस स्टेट कॉलोनी एवं साकार रियल कॉलोनी के कॉलोनाइजर्स अरुण डागरिया, महेंद्र जैन, अतुल सुराना एवं संजय दासौद को भेजे गए नोटिस

जन सुनवाई में कलेक्टर सिंह ने क्रेताओं को बेची गई जमीन पर विकास कराने एवं शेष प्लॉट्स की रजिस्ट्री संपन्न कराने के दिए निर्देश

इंदौर। इंदौर जिले में मंगलवार से पुन: शुरू की गई जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान जिले के रहवासी संघों से प्राप्त आवेदन पर कलेक्टर मनीष सिंह द्वारा त्वरित कार्रवाई किये जाने के निर्देश दिये गये है।

जनसुनवाई के दौरान प्रिंसेस स्टेट कॉलोनी रहवासी संघ के सदस्य तथा अमित पारिख निवासी बख्तावरराम नगर द्वारा कॉलोनाइजर्स के विरूद्ध प्रस्तुत किये गये आवेदन पर कलेक्टर सिंह ने अपर कलेक्टर अभय बेडेकर को निर्देश दिये है कि धारा बी-121 में दोनों प्रकरणों को दर्ज कर अरूण डागरिया, महेन्द्र जैन, अतुल सुराना और संजय दासौत को नोटिस जारी किया जाये और उन्हें सख्त निर्देश दिये जाये कि वे क्रेताओं को बेची गयी जमीन पर विकास कार्य पूर्ण करायें और शेष रह गये प्लॉटों की रजिस्ट्री जल्द से जल्द करवायी जाये।

ऐसा ना करने पर संबंधितों के विरूद्ध वैधानिक विधिक कार्रवाई की जायेगी। उल्लेखनीय है कि जनसुनवाई के दौरान प्रिंसेस स्टेट कॉलोनी रहवासी संघ के सदस्यों द्वारा कॉलोनाइजर्स महेन्द्र जैन, अरूण डागरीया एवं अतुल सुराना के विरूद्ध आवेदन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने ने बताया कि उक्त कॉलोनाइजर्स द्वारा सदस्यों से प्लॉट के पैसे लेने के पश्चात भी प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं करायी गयी है।

साथ ही यह कॉलोनी पिछले 23 वर्षों से अविकसित है। कॉलोनी से गार्डन पर प्लॉट काट कर बेच दिये गये है। उन्होंने कलेक्टर सिंह से कॉलोनाइजर्स के खिलाफ कार्रवाई करने तथा सदस्यों के प्लाटों का नामांतरण भू-राजस्व रिकार्ड में दर्ज कराने हेतु अनुरोध किया।

इसी तरह अमित पारिख पुत्र स्व. कांतिलाल पारिख निवासी बख्तावरराम नगर द्वारा बताया गया कि मेसर्स साकार रियल्टीज के भागीदार संजय दासौत निवासी सीताबाग कॉलोनी द्वारा साकार रियल कॉलोनी के 9 भूखंड क्रय किये गये थे। उन्होंने बताया कि उक्त कालोनाईजर को वर्ष अप्रैल 2011 में 9 भूखण्ड क्रय किये जाने के संबंध में प्रतिफल राशि 22 लाख 80 हजार रूपये का भुगतान किया गया था।

उक्त सौदे से आज दिनांक तक करीब 10 वर्ष से अधिक समय व्यतीत हो चुका है, परन्तु कालोनाईजर द्वारा अभी तक भूखण्ड प्रदान नहीं किये हैं और ना ही उनकी रजिस्ट्री की है।

Spread the love

Indore