अदालत में तीन माह में मिला 38 लाख क्लेम

बीस बिछड़े परिवार समझौते से फिर बसे
इंदौर। शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान जिला कोर्ट में क्लेम का एक केस मात्र तीन माह में समझौते के आधार पर निपट गया।

27 नवम्बर 2017 को बायपास पर भंडारी रिसोट के पास एक कार ने बाइक सवार संजय मुखर्जी को टक्कर मार दी थी जिससे संजय की मौत हो गर्ई थी। उसकी पत्नी बबीता व बेटे सुमित की ओर से अधिवक्ता संजय मेहरा, अक्षांश मेहरा द्वारा क्लेम केस लगाया गया था। आज लोक अदालत में आपसी सहमति से कंपनी इस मामले में में 38 लाख पचास हजार रुपए क्लेम देने को तैयार हो गई। इसी तरह कुटुम्ब न्यायालय में पारिवारिक विवाद के 197 केस रखे गए थे, इनमें से बीस जोड़ी समझाईश के बाद अपने मतभेद भुलाकर साथ जाने को तैयार हो गए।

इन्हें पौधे वितरित कर रवाना किया गया। हाई कोर्ट में कुल 1372 केस रखे गए थे इनमें 260 मामले निपटे।

इनमें 125 क्लेम के थे। इनमें एक करोड 27 लाख से अधिक का क्लेम मंजूर हुआ। जिला कोर्ट में प्री लिटिगेशन मिलाकर बीस हजार केस रखे गए थे।

जिला कोर्ट में कुल 1868 केस निपटे जिनमे 29 करोड़ 18 लाख के अवार्ड, क्लेम, डिक्री आदि निपटे।

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