इंदौर में 800 करोड़ के घोटाले की जांच रिटायर जस्टिस करेंगे

इंदौर। शहर के निवेशकों, प्लाट धारकों के साथ पिनेकल ग्रुप के कर्ताधर्ताओं द्वारा की गई 800 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी की जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज दीपक वर्मा करेंगे। हाई कोर्ट ने उनकी अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी बना दी है।
डिवीजन बेंच ने सीनियर एडवोकेट आनंद मोहन माथुर, अभिनव धनोतकर के माध्यम से ने दायर जनहित याचिका में उक्त आदेश किये।

याचिका में कहा था कि ग्रुप के कर्ताधर्ताओं ने जनता से करोड़ों रुपए ठगे और प्रदेश से बाहर करोड़ों की प्रॉपर्टी खरीदी।

पुलिस को अन्य प्रदेशों में खरीदी जमीन और निवेश की जांच का अधिकार नहीं है।

इसके लिए बाहरी राज्यों की पुलिस की मदद लेना पड़ेगी। इसलिए घोटाले की जांच के लिए हाई कोर्ट की निगरानी में कमेटी बनाई जाना चाहिए।

अपने आदेश में कोर्ट ने घोटाले की जांच के लिए उक्त तीन सदस्यीय कमेटी बना दी है।

यह कमेटी पिनेकल ग्रुप मामले से जुड़े दस्तावेजों को एकत्र कर उनका आकलन करेगी। ग्रुप में पैसा लगाने वाले, संपत्ति खरीदने वालों की जांच की जाएगी।

इस जांच में चार्टर्ड अकाउंटेंट और आर्किटेक्ट सहित अन्य विशेषज्ञों की मदद भी ले सकेगी तथा हाउसिंग विभाग, टीएंडसीपी, आईजी पुलिस, बैंक, आयकर विभाग, रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी हरसंभव मदद करेंगे।

कमेटी की जांच से दूसरी जांचें प्रभावित नहीं होंगी। कमेटी को 10 सप्ताह में अपनी रिपोर्ट हाई कोर्ट में प्रस्तुत करना होगी।

पिनेकल ग्रुप के तीन प्रोजेक्ट में करीब 800 करोड़ के घोटाले का आरोप है। पुलिस ने अभी तक एक डायरेक्टर आशीष दास को गिरफ्तार किया है।

जबकि दूसरा डायरेक्टर पुष्पेंद्र वढेरा फरार है। इनके द्वारा एक ही प्लॉट व फ्लैट कई लोगों को बेच कर करोड़ों की धोखाधड़ी की।

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