अतिरिक्त महाधिवक्ता के रूप में पुष्यमित्र भार्गव व टीम ने एक वर्ष में अनेक उपलब्धियां की हासिल,कोरोना काल में सामाजिक जिम्मेदारी भी निभाई

इंदौर। महाधिवक्ता कार्यालय इंदौर में अतिरिक्त महाधिवक्ता के रूप में पुष्यमित्र भार्गव व टीम 7 जून सोमवार को अपना एक वर्ष पूरा कर रही है। इस टॉम ने बीते एक वर्ष में न केवल अनेक उपलब्धियां हासिल की बल्कि कोरोना काल में सामाजिक जिम्मेदारी निभाने में भी पीछे नहीं रहे।

पिछले साल 6 जून 2020 को महाधिवक्ता पुरुषेन्द्र कौरव द्वारा महाधिवक्ता कार्यालय इंदौर में 2 अतिरिक महाधिवक्ता, 2 उप महाधिवक्ता व एक शासकीय अधिवक्ता की टीम गठित की गई थी।

इस टीम में पुष्यमित्र भार्गव अलावा विवेक दलाल अतिरिक्त महाधिवक्ता व अर्चना खेर व श्रेयराज सक्सेना उप महाधिवक्ता बनाए गए थे जिन्होंने 7 जून को कार्यभार संभाला था। बाद में 18 जनवरी 2021 को 9 और शासकीय अधिवक्ता इस टीम में नियुक्त किए गए थे।


इस टीम ने सीमित सदस्य होने के बावजूद कोविड संक्रमण काल मे लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसमे युवा पैनल लायर्स की उल्लेखनीय मदद रही।


टीम ने कोरोना संक्रमण काल के दौरान अपने सामाजिक दायित्व का भी निर्वाह करते हुए सदस्यों ने अपनी ओर से एक लाख 90 हजार की आर्थिक मदद मप्र हाई कोर्ट बार इंदौर को अपने कोरोना संक्रमित अधिवक्ताओं के लिए की। प्रकरणों में समय पर जवाब पेश करने के लिए भी कई कदम उठाए गए।

73 प्रतिशत से अधिक प्रकरणों का कराया निराकरण

आंकड़ों पर नजर डाले तो इस एक साल की अवधि में महाधिवक्ता कार्यालय इंदौर की ओर से 25473 प्रकरणों में पैरवी की गई जिनमे से 18666 निराकृत (डिस्पोज) कराए गए। यह करीब 73.27 प्रतिशत है।


यानी औसतन हर 4 प्रकरणों में से 3 प्रकरणों का निराकरण कराया गया। यह उल्लेखनीय उपलब्धि है। इसी तरह लंबित प्रकरणों में शासन की ओर से पेश किए जाने वाले जवाब में भी गति लाई गई। इस बीते 1 साल में 1125 प्रकरणों में सभी सरकारी विभागों से बेहतर सामंजस्य त आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए न्यायालय में समय पर जवाब पेश किए गए जिनमे 749 लंबित व 376 डिस्पोसड केस शामिल हैं।


एक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई


महाधिवक्ता कार्यालय इंदौर की टीम ने एक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी इस एक साल में निभाई। जस्टिस रोहित आर्य की बेंच ने समय-समय पर विभिन्न प्रकरणों में अपने आदेशो में लगाई गई कॉस्ट (cost) राशि का उपयोग वृद्धाश्रमो व अनाथलयो के बेहतर प्रबंधन व उनके उन्नयन हेतु किये जाने के निर्देश दिए गए थे। महाधिवक्ता कार्यालय इंदौर को यह जिम्मेदारी दी गई थी कि वह इस बात की निगरानी रखें कि सम्बंधित जिलों में इस राशि का सही उपयोग हो रहा है या नहीं। अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए इस कार्यालय में लगभग 53 लाख 12 हजार 358 की राशि का सही उपयोग करवाने में भूमिका निभाई। यह सब महाधिवक्ता पुरुषेन्द्र कौरव के कुशल मार्गदर्शन में लॉ अधिकारियों व युवा पैनल लायर्स की अथक मेहनत व जिम्मेदारी पूर्वक अपने कर्तव्यों के निर्वहन से ही सम्भव हो सका है।

कोविड के क्लेम केस निःशुल्क लड़ेंगे
उन्होंने बताया कि जनहित में हम लोगों ने यह निर्णय लिया है कि कोविड प्रकरणों से जुड़े लोगो के क्लेम केस हमारे पास आएंगे तो हमारी टीम के अधिवक्ता निजी तौर पर लोगों की ओर से यह केस निशुल्क लड़ेंगे। इसके लिए जल्द ही हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा।

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